जनपथ न्यूज़ :- पटना. दिल्ली विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की लहर में बिहार के तीनों क्षेत्रीय दल फेल हो गए। कांग्रेस के साथ गठबंधन में चार सीटों पर चुनाव लड़ रही राजद, भाजपा के साथ दो सीटों पर चुनाव लड़ रहे जदयू और एक सीट पर लोजपा की हार हुई है। बिहार के इन तीनों क्षत्रपों का दिल्ली की जनता ने बंटाधार कर दिया। ऐसा पहली बार हुआ कि देश की दो बड़ी राष्ट्रीय पार्टियां भाजपा और कांग्रेस ने बिहार के सहयोगी दलों के साथ दिल्ली में गठबंधन किया लेकिन जनता ने उनके प्रयोग को सिरे से नकार दिया। ‘आप’ की जीत पर मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा कि जनता मालिक है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव तक ये गठबंधन बना रहे, इसी कवायद में भाजपा-कांग्रेस ने अपने सहयोगियों को दिल्ली में भी साझेदार बनाया। दोनों पार्टियों की यह सोच थी कि राजद-जदयू-लोजपा पूर्वांचल वोटरों के अपने पाले में ला सकती है और जनता में यह संदेश भी बना रहे कि गठबंधन मजबूत है। तीनों दल के बड़े नेताओं ने कई दिन दिल्ली में रहकर अपने उम्मीदवारों के लिए प्रचार भी किया। खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चार दिनों तक दिल्ली में डेरा जमाए रहे और अमित शाह, जेपी नड्डा के साथ मंच साझा किया। तीनों दलों के कार्यकर्ताओं ने अपने साथ-साथ भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को जिताने के लिए खूब पसीना भी बहाया लेकिन, इस मेहनत का कोई नतीजा नहीं निकला।
दिल्ली विकास एजेंडे के सामने बिहार का विकास एजेंडा फेल
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्वांचल बहुल जिन सीटों पर प्रचार किया वहां बिहार के विकास का एजेंडा पेश किया। नीतीश ने यह दिखाने की कोशिश की कि बिहार का विकास मॉडल दिल्ली से कई गुना बेहतर है। सड़क, बिजली, पानी को लेकर उन्होंने केजरीवाल पर खूब हमला किया। दिल्ली चुनाव परिणाम ने यह दिखा दिया कि वहां की जनता को दिल्ली का ही विकास एजेंडा पसंद है। लोगों ने बिहार के विकास के एजेंडे को सिरे से नकार दिया।
संगम विहार और बुराड़ी दोनों सीटों पर जदयू हार गई। संगम विहार से आम आदमी के उम्मीदवार दिनेश मोहनिया ने जदयू के शिव चरण लाल गुप्ता को हराया। वहीं, बुराड़ी सीट पर भी आप प्रत्याशी संजय झा ने जदयू के शैलेंद्र कुमार को पटखनी दी।
अध्यक्ष पद की कमान संभालने के बाद चिराग की दूसरी हार
भाजपा के साथ गठबंधन में सीमापुरी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रही लोजपा की भी हार हुई है। अध्यक्ष पद की कमान संभालने के बाद चिराग पासवान की ये दूसरी हार है। सीमापुरी विधानसभा सीट से आप प्रत्याशी राजेंद्र पाल गौतम ने लोजपा के संत लाल को हराया। इससे पहले झारखंड विधानसभा चुनाव में भी लोजपा की सभी सीटों पर हार हुई थी। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चिराग की असली परीक्षा बिहार विधानसभा चुनाव में होगी।
राजद भी चारों खाने चित्त
बुराड़ी, किरारी, उत्तम नगर और पालम विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ रही राजद भी चारों खाने चित्त हो गई। दिल्ली में तेजस्वी की सभाएं और रोड शो भी कोई काम नहीं आया। दिल्ली में तेजस्वी सिर्फ एक ही एजेंड पर प्रचार में जुटे थे और वह था केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध। वे लगातार सीएए और एनआरसी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे थे। ‘आप’ की लहर में तेजस्वी भी नहीं टिक सके।
बुराड़ी विधानसभा सीट पर आप उम्मीदवार संजीव झा को जीत मिली। राजद उम्मीदवार तीसरे नंबर पर रहे। किरारी विधानसभा सीट पर आप प्रत्याशी ऋतुराज गोविंद ने राजद के मो. रियाजुद्दीन खान को हराया। उत्तम नगर सीट पर आप प्रत्याशी नरेश बाल्याण ने राजद के शक्ति कुमार बिश्नोई को मात दी। पालम सीट पर राजद उम्मीदवार निर्मल कुमार सिंह को आप के भावना गौर ने हराया।
दिल्ली चुनाव परिणाम का बिहार विधानसभा चुनाव में क्या होगा असर?
राजनीतिक विश्लेषक शंभूनाथ सिन्हा का कहना है कि दिल्ली चुनाव परिणाम का बिहार में कोई खास असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, दिल्ली चुनाव में बिहार की तीनों पार्टियों के गठबंधन से यह साफ हो गया कि यहां भी चुनाव दो ध्रुवों पर लड़ा जाएगा। भाजपा यह नहीं चाहती थी झारखंड चुनाव की तरह जदयू को कुछ भी बोलने का मौका मिले। झारखंड चुनाव में जदयू ने भाजपा के साथ चुनाव नहीं लड़ा था। बाद में पार्टी नेताओं का कहना था कि भाजपा-जदयू में गठबंधन होता तो परिणाम बेहतर होते।

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