बिहार पुलिस में ‘नो टॉलरेंस’: वर्दी में चंदन-टीका और रील बनाने पर पाबंदी, DGP का आदेश
सोशल मीडिया और रील पर 'डिजिटल स्ट्राइक'

पटना: बिहार पुलिस मुख्यालय ने महकमे में अनुशासन का चाबुक चला दिया है। पुलिस बल की छवि सुधारने और विभागीय मर्यादा बनाए रखने के लिए डीजीपी विनय कुमार ने सख्त नियमावली जारी की है। नियमों की अनदेखी करने के आरोप में अब तक करीब 40 से 50 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है।

📱 सोशल मीडिया और रील पर ‘डिजिटल स्ट्राइक’
बिहार पुलिस के जवान अब वर्दी में सोशल मीडिया पर जलवा नहीं दिखा पाएंगे। डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:
वर्दी पहनकर वीडियो बनाना या फोटो पोस्ट करना वर्जित है।
किसी भी प्रकार की प्रचारात्मक गतिविधि (Self-promotion) अनुशासनहीनता मानी जाएगी।
नियमों का उल्लंघन करने पर सीधे निलंबन और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
🪔 धार्मिक प्रतीकों और सज-धज पर रोक
पुलिस बल की धर्मनिरपेक्ष छवि (Secular Image) को बनाए रखने के लिए मुख्यालय ने कड़े कदम उठाए हैं:
चंदन-टीका: ड्यूटी के दौरान किसी भी पुलिसकर्मी को माथे पर चंदन-टीका या अन्य धार्मिक प्रतीक लगाने की अनुमति नहीं होगी।
श्रृंगार पर पाबंदी: महिला पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के समय अत्यधिक सज-धज कर आने से परहेज करने को कहा गया है।
आभूषण: अब जवान दसों उंगलियों में अंगूठियां नहीं पहन सकेंगे। अत्यधिक गहने पहनकर ड्यूटी करना पेशेवर आचरण के विरुद्ध माना गया है।
👮 अनिवार्य हुआ फुल ड्रेस कोड
वर्दी के घटकों (Components) को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। डीजीपी ने सभी जिला इकाइयों को निर्देश दिया है कि:
टोपी पहनना अनिवार्य: बिना टोपी के ड्यूटी करने पर अब कार्रवाई होगी।
बेल्ट: वर्दी के साथ बेल्ट का सही तरीके से उपयोग अनिवार्य है।
पेशेवर लुक: ड्यूटी के दौरान जवानों का टर्न-आउट (दिखावट) पूरी तरह पेशेवर होना चाहिए।
“सोशल मीडिया पर वर्दी में वीडियो बनाना और फोटो पोस्ट करना विभागीय गोपनीयता के लिए हानिकारक है। सेवा नियमों का उल्लंघन किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
— विनय कुमार, डीजीपी, बिहार
निष्कर्ष
पुलिस मुख्यालय की इस कार्रवाई ने पूरे महकमे में खलबली मचा दी है। यह संदेश साफ है कि बिहार पुलिस अब अपनी ‘रफ-एंड-टफ’ और अनुशासित छवि को वापस पाने के लिए किसी भी प्रकार की कोताही बरतने के मूड में नहीं है।

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