जनपथ न्यूज़ पटना । राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के बड़े लाल तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) के अंदाज ही निराले हैं। वे कभी रिक्‍शा की सवारी करते हैं तो कभी जलेबी छानते दिखते हैं। कभी साइकिल से गिरते हैं तो कभी घुड़सवारी करते हैं। लालू यादव के ठेठ अंदाज में राजनीति करने वाले तेज प्रताप अब बांसुरी (Flute) बजाते एक दलित टोले (Dalit Tola) में दिखे हैं। वहां उन्‍होंने एक दलित के घर में मांग कर खिचड़ी (Khichari) भी खायी।
तेज प्रताप यादव के इस कदम को आगामी विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि लालू यादव के परंपरागत मुस्लिम-यादव समीकरण (MY Equation) से हटकर अब दलितों व पिछड़ों को भी साथ लेकर चलने की पार्टी की नीति के तहत यह तेज प्रताप की अपने अंदाज में राजनीतिक पहल थी।
दलित बस्‍ती में बांसुरी बजाई, खिचड़ी खाई
बताया जा रहा है कि रविदास जयंती (Ravidas Jayanti) के अवसर पर तेज प्रताप यादव पटना के मसौढ़ी स्थित एक दलित बस्‍ती में जा पहुंचे। वहां बरनी गांव में आयोजित कार्यक्रम में उन्‍होंने जनसभा को संबोधित किया। तेज प्रताप ने संत रविदास (Sant Ravidas) को श्रद्धांजलि दी तथा बांसुरी बजाई। तेज प्रताप वहां बहुत देर तक रहे। इस दौरान उन्हें भूख लग गई। तब उन्‍होंने एक गरीब महिला से पूछा कि क्‍या उन्‍होंने खाना बनाया है? इसके बाद महिला ने खिचड़ी बनाकर उन्‍हें खिलाया।
जनता से पूछी परेशानियां, बोले- मैं हूं ना
इस बीच तेज प्रताप ने उस दलित महिला सहित वहां उपस्थित लोगों से से उनकी परेशानियों को लेकर सवाल किए। राशन कार्ड बना है या नहीं, यह पूछा। भीड़ में से किसी ने एक मकान की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस लालू यादव ने बनवाया था। इसपर तेज प्रताप ने कहा कि उन सभी लोगों के मकान लालू यादव ने ही बनवाए थे। तेज प्रताप ने कहा कि लोग इसका ध्‍यान रखें, आगे तो वे हैं ही। तेज प्रताप के इस दौरे में मसौढ़ी की विधायक रेखा पासवान भी उनके साथ रहीं।
अपने अंदाज में दलितों को रिझाने की कोशिश
राजनीति के जानकार बताते हैं कि नित नए अंदाज में नजर आने वाले तेज प्रताप यादव का इस बार का यह कदम सधी हुई राजनीति का बड़ा प्लान है। इसे लालू यादव के परंपरागत मुस्लिम-यादव वाेट बैंक से हटकर पार्टी का दलितों-पिछ़ड़ों पर भी फोकस करने से जोड़कर देखा जा रहा है। तेज प्रताप की नजर दलित वोट बैंक पर है और वे अपने अंदाज में दलितों को रिझाने में जुट गए हैं।
पहले भी कई बार बांसुरी बजाते आए नजर
तेज प्रताप यादव पहली बार बांसुरी बजाते नजर नहीं आए हैं। बीते कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर पटना स्थित अपने सरकारी आवास पर आधी रात में भगवान कृष्ण के रूप में नजर आए थे। इस दौरान भी उन्होंने जमकर बांसुरी भी बजाई थी। उन्‍होंने इसकी तस्‍वीर भी सोशल मीडिया पर डाली थी। इसके पहले जुलाई 20219 में तेज प्रताप यादव ने पटना के फतुहा में यज्ञ का उद्घाटन किया था। उन्‍होंने वहां भी बांसुरी बजाई थी। तेज प्रताप अपनी गाय के साथ भी बांसुरी बजाते नजर आ चुक हैं। कृष्‍ण भक्‍त तेज प्रताप भगवान कृष्‍ण का रूप धरकर भी पटना व वृंदावन में बांसुरी बजाते देखे गए हैं।
धरते रहे भगवान कृष्‍ण व शिव के रूप
तेज प्रताप यादव केवल भगवान कृष्‍ण के ही नहीं, भगवान शिव के भी भक्‍त हैं। वे शिव रूप भी धरते रहे हैं। उनके शंख बजाने की भी चर्चा होती रही है। वे सावन में बाबा नगरी देवघर जाते हैं।
पटना में साइकिल से गिरे, घुड़सवारी की
तेज प्रताप अपने अलग-अलग कारनामों को लेकर चर्चा में रहते आए हैं। उन्‍हें बाइक चलाने व घुड़सवारी का भी शौक है। करीब डेढ़ साल पहले उन्‍होंने रॉयल एनफील्ड की लाल कांटीनेंटल जीटी 535 कैफे रेसर बाइक खरीदी थी। पटना की सड़कों पर वे साइकिल चलाते व घुडसवारी करते कई बार नजर आए। 2018 में वे पटना में साइकिल चलाते हुए अपने ही एस्‍कॉर्ट की गाड़ी से ऐसी रेस लगा बैठे कि बीच सड़क पर गिर पड़े। पत्‍नी ऐश्‍वर्या को साइकिल की सवारी कराती तेज प्रताप की एक तस्‍वीर भी वायरल हुई थी। हालांकि, अब वे ऐश्‍वर्या से तलाक का मुकदमा लड़ रहे हैं।
चर्चा में रहे और भी कई निराले अंदाज
तेज प्रताप की और भी कई तस्‍वीरें वायरल हुईं हैं। वे जलेबी व पूड़ी बनाने से लेकर राज मिस्‍त्री का काम करने तक नजर आ चुके हैं। तेज प्रताप रिक्‍शा व ट्रैक्‍टर पर घूमते भी दिख चुके हैं। उनको फिल्‍मों का भी शौक है। उनकी फिल्‍म का पोस्‍टर भी चर्चा में रहा है।

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