जनपथ न्यूज़ नई दिल्ली. राज्यसभा ने मंगलवार को एसपीजी संशोधन बिल को पास कर दिया। बिल पर चर्चा के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि इस कदम के पीछे राजनीतिक बदले की भावना बिल्कुल नहीं है। उन्होंने कहा कि अब तक एसपीजी बिल में 5 बदलाव हुए हैं और हमने एक बदलाव किया है। शाह बोले कि पिछले जो 4 बदलाव हुए थे, वह केवल एक परिवार को ध्यान में रखकर किए गए थे। शाह का इशारा कांग्रेस की तरफ था।
केंद्र सरकार ने पिछले महीने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली थी और यह जिम्मा सीआरपीएफ को सौंपा गया था। सोमवार को कुछ लोग प्रियंका के घर में बिना इजाजत दाखिल हुए और सेल्फी लेने की भी कोशिश की। इस पर प्रियंका के पति रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि एसपीजी सुरक्षा वापस लिया जाना बहुत बड़ी गलती है और यह पॉलिटिकल एजेंडा था।
एसपीजी सुरक्षा को स्टेटस सिंबल नहीं बनाया जा सकता- शाह
शाह ने कहा- सुरक्षा को स्टेटस सिंबल नहीं बनाया जा सकता है। केवल एसपीजी की ही मांग क्यों? एसपीजी सुरक्षा घेरा केवल राष्ट्र के मुखिया के लिए है, हम इसे हर किसी को नहीं दे सकते हैं। हम किसी एक परिवार के खिलाफ नहीं है, लेकिन हम वंशवाद की राजनीति के खिलाफ हैं।
प्रियंका के घर घुसपैठ की घटना की जांच करवाएगा केंद्र
गृह मंत्री अमित शाह ने प्रियंका वाड्रा के घर पर सुरक्षा में हुई खामी पर कहा- सुरक्षाकर्मियों को सूचना मिली थी कि प्रियंका गांधी के घर राहुल गांधी आने वाले हैं। वह भी काले रंग की सफारी में सवार थे। यह एक संयोग था कि दोनों ही कारें एक ही रंग की थी, इसलिए यह घटना हुई। बावजूद इसके हमने जांच के आदेश दे दिए हैं। शाह ने बताया- एक ही समय में काले रंग की टाटा सफारी वहां पहुंचने पर सुरक्षाकर्मियों ने उसे नहीं रोका। गाड़ी बिना रोकटोक के घर में प्रवेश कर गई।
केवल प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्री को मिलेगी एसपीजी सुरक्षा
इससे पहले लोकसभा में बिल पेश करने पर शाह ने कहा था- बिल को पेश करने का मकसद इसे बेहतर करना है। एसपीजी सुरक्षा कवर केवल प्रधानमंत्री और उनके साथ प्रधानमंत्री आवास में आधिकारिक तौर पर रह रहे परिजन को ही मिलेगा। इसके अलावा एसपीजी सुरक्षा पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिजन को दी जाएगी, जो आधिकारिक तौर पर सरकार द्वारा अलॉट किए गए आवास में रह रहे हैं।

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