पटना में बाबा भीखम दास ठाकुरवाड़ी पर प्रशासन का सख्त एक्शन, डीएम बने अस्थायी न्यासधारी
संपत्तियों और बैंक खातों की जांच के आदेश, सभी लेन-देन पर तत्काल रोक; नई न्यास समिति गठन की प्रक्रिया शुरू

पटना, संवाददाता:
बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के निर्देश पर पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने बुधवार को बाबा भीखम दास ठाकुरवाड़ी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था, संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की गहन समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ठाकुरवाड़ी की सभी चल एवं अचल संपत्तियों, बैंक खातों और आय-व्यय का विस्तृत विवरण शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत किया जाए। इस कार्य के लिए अपर समाहर्ता (राजस्व), भूमि सुधार उप समाहर्ता और संबंधित अंचल अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अगली सूचना तक ठाकुरवाड़ी से जुड़े सभी प्रकार के लेन-देन और वित्तीय गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक रहेगी। साथ ही मंदिर की परिसंपत्तियों, दुकानों और अन्य आय के स्रोतों का भी पूरा लेखा-जोखा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

जानकारी के अनुसार, बाबा भीखम दास ठाकुरवाड़ी की न्यास समिति के निष्क्रिय होने के कारण धार्मिक न्यास पर्षद ने जिलाधिकारी, पटना को अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया है। प्रशासन का उद्देश्य मंदिर की व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना, संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और पारदर्शिता लाना है।

फिलहाल ठाकुरवाड़ी से संबंधित सभी बैंक खातों का संचालन जिलाधिकारी, पटना के हस्ताक्षर से किया जाएगा। साथ ही नई न्यास समिति के गठन के लिए नामों का प्रस्ताव जल्द ही धार्मिक न्यास पर्षद को भेजा जाएगा।

प्रशासन का कहना है कि नई समिति के गठन के बाद मंदिर के संचालन को नियमित और व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके।

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