पटना में पुलिस सिपाही पर गंभीर आरोप, मां-बेटी ने DGP से लगाई न्याय की गुहार!
पति पर मारपीट, दहेज उत्पीड़न, जान से मारने की धमकी और फर्जी केस में फंसाने का आरोप; DGP से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग!

पटना: राजधानी पटना के शास्त्री नगर स्थित बोर्ड कॉलोनी की रहने वाली एक महिला और उसकी बेटी ने बिहार पुलिस के एक सिपाही पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस मुख्यालय पहुंचकर पुलिस महानिदेशक (DGP) से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित महिला सविता देवी और उनकी बेटी सपना सिंह का आरोप है कि सपना के पति एवं बिहार पुलिस में सिपाही गौतम कुमार द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। दोनों ने अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पीड़िता सविता देवी ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि वह शास्त्री नगर स्थित विद्युत बोर्ड कॉलोनी में रहती हैं और विद्युत विभाग में अनुकंपा के आधार पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी सपना सिंह की शादी 10 दिसंबर 2024 को पटना के इस्कॉन मंदिर में गौतम कुमार से हुई थी, जो अपराध अनुसंधान विभाग (CID) पुलिस मुख्यालय में सिपाही के पद पर कार्यरत हैं।
सविता देवी का आरोप है कि उन्होंने अपनी सामर्थ्य से बढ़कर शादी की और समय-समय पर दामाद की आर्थिक मदद भी की। यहां तक कि अपनी जीपीएफ से ऋण लेकर वाहन खरीदने के लिए भी पैसे दिए। उनका कहना है कि शादी के कुछ समय बाद उनकी बेटी को पति के कथित अवैध संबंधों की जानकारी मिली। जब इस विषय पर सपना सिंह ने अपने पति से सवाल किया तो उसके साथ मारपीट की गई और उसे घर से निकाल दिया गया।
पीड़िता का आरोप है कि गौतम कुमार और उनके परिवार ने दहेज की अतिरिक्त मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित किया। इस संबंध में 11 दिसंबर 2025 को पटना महिला थाना में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मां-बेटी का यह भी आरोप है कि हाल के दिनों में गौतम कुमार अपने कई सहयोगियों के साथ उनके सरकारी आवास के आसपास पहुंचकर पूछताछ कर रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इस कारण दोनों सरकारी आवास छोड़कर अलग-अलग स्थानों पर छिपकर रहने को मजबूर हैं।
सविता देवी ने यह भी आरोप लगाया कि 23 दिसंबर 2025 को उनकी अनुपस्थिति में पुलिस के साथ उनके सरकारी आवास में प्रवेश कर उन्हें फर्जी शराब मामले में फंसाने की कोशिश की गई। इस मामले में उन्हें एक्साइज एक्ट के तहत जमानत मिली हुई है।
पीड़ित मां-बेटी का कहना है कि उन्होंने 21 जुलाई 2026 और 24 जुलाई 2026 को भी शास्त्री नगर थाना में लिखित शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। सुरक्षा कारणों से सविता देवी पिछले कई दिनों से अपने कार्यालय भी नहीं जा पा रही हैं।

आखिरकार दोनों शुक्रवार को बिहार पुलिस मुख्यालय पहुंचीं और डीजीपी से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत की। पीड़ितों के अनुसार, डीजीपी ने मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
नोट: यह समाचार पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और उनके बयान पर आधारित है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या संबंधित पुलिसकर्मी का पक्ष सामने आना अभी शेष है। जांच के बाद ही तथ्यों की अंतिम पुष्टि हो सकेगी।
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