जनपथ न्यूज़ पटना. किशनगंज से कांग्रेस सांसद मौलाना असरारूल हक कासमी का शुक्रवार तड़के निधन हो गया। 2009 से लगातार सांसद रहे 76 वर्षीय हक को किशनगंज सर्किट हाउस में तड़के दो बजे सीने में दर्द हुआ। अस्पताल ले जाने के क्रम में उनका निधन हो गया। उनके निधन से लोकसभा में कांग्रेस के अब 48 सांसद रह गए हैं।

किशनगंज से कांग्रेस सांसद मौलाना असरारूल हक कासमी के निधन खबर मिलते ही सदाकत आश्रम में पार्टी का झंडा झुका दिया गया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने शोक संदेश में कहा कि मौलाना कासमी गरीबों की आवाज थे। सोनिया गांधी ने कहा कि उनके निधन से पार्टी को अपूर्णीय क्षति हुई है। अहमद पटेल और बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने भी उनके निधान पर शोक व्यक्त किया है।

राज्यपाल लालजी टंडन व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सांसद मौलाना असरारुल हक कासमी के निधन पर शोक जताया है। राज्यपाल ने कहा कि हक लोकप्रिय और दूरदर्शी नेता थे। उनके निधन से राजनीतिक जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। सीएम ने कहा- मौलाना कासमी राजनीति में अपनी शुचिता और सरल हृदय के लिए जाने जाते थे। किशनगंज में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की स्थापना में उनका अहम योगदान था। मौलाना कासमी का किशनगंज में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
किशनगंज में अंतिम संस्कार में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, तारिक अनवर, कौकब कादरी शामिल हुए। झा ने कहा कि सीमांचल के विकास में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने किशनगंज के विकास को गति दी। विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष अशोक कुमार, प्रेमचंद्र मिश्रा, हरखू झा, अजय कुमार चौधरी, सरोज तिवारी ने भी मौलाना असरारूल हक के निधन को कांग्रेस पार्टी की अपूरणीय क्षति बताया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.