लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव और बेटी मीसा भारती समेत छह पर एफआइआर का आदेश, लोकसभा चुनाव में टिकट देने के नाम पर पांच करोड़ रुपये ठगने का आरोप

कार्यालय संवाददाता
Edited by: राकेश कुमार
जनपथ न्यूज/सितंबर 19, 2021

पटना: राष्ट्रीय जनता दल विधायक तेजस्वी यादव, राज्यसभा सदस्य मीसा भारती सहित छह लोगों के खिलाफ दायर परिवाद पत्र मामले में पटना सिविल कोर्ट के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने प्राथमिकी दर्ज करने के लिए परिवाद पत्र को कोतवाली थाना भेजा है। मामला लोकसभा चुनाव में टिकट देने के नाम पर पांच करोड़ रुपये ठगने का है।
बता दें कि कांग्रेस नेता व अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह ने पटना के सीजेएम की अदालत में 18 अगस्त को एक परिवाद पत्र दायर किया था। परिवाद पत्र मे बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, राज्यसभा सदस्य मीसा भारती के अलावा जिन छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं उनमें बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राजेश राठौर और कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे सदानंद सिंह के बेटे शुभानंद मुकेश का नाम भी शामिल है। इन सभी के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश पटना के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विजय किशोर सिंह की अदालत ने दिया है।

दायर परिवाद में कांग्रेस नेता व अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह ने कहा है कि लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल का टिकट देने के नाम पर मुझसे पांच करोड़ रुपये लिए गए और टिकट भी नहीं दिया गया। बाद में विधानसभा का टिकट देने का आश्वासन दिया गया, लेकिन वो टिकट भी मुझे नहीं दिया गया। इसके लिए वादी ने 25 जनवरी 2019 को राजद कार्यालय में तेजस्वी यादव और मदन मोहन झा के हाथों में पांच करोड़ रुपये दिए। टिकट नहीं मिलने पर जब वादी ने तेजस्वी यादव से संपर्क किया तो उनके द्वारा परिवादी को जान से मारने की धमकी दी गई।
पटना के एसएसपी उपेंद्र कुमार शर्मा के माध्यम से भेजे गए परिवाद पत्र को ही प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश अदालत ने कोतवाली थानाध्यक्ष को दिया है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव के साथ ही राज्यसभा सदस्य बेटी मीसा भारती को भी आरोपित बनाया गया है। तेजस्वी पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगा है।

दायर परिवाद में कांग्रेस नेता व अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह ने कहा है कि लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल का टिकट देने के नाम पर मुझसे पांच करोड़ रुपये लिए गए और टिकट भी नहीं दिया गया। बाद में विधानसभा का टिकट देने का आश्वासन दिया गया, लेकिन वो टिकट भी मुझे नहीं दिया गया। इसके लिए वादी ने 25 जनवरी 2019 को राजद कार्यालय में तेजस्वी यादव और मदन मोहन झा के हाथों में पांच करोड़ रुपये दिए। टिकट नहीं मिलने पर जब वादी ने तेजस्वी यादव से संपर्क किया तो उनके द्वारा परिवादी को जान से मारने की धमकी दी गई।

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