*गरीब आज भी सरकारी योजनाओं से अनभिज्ञ है

जितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना ::

राज्य में छोटे-छोटे रोजगार-धंधा करने वाले लोगों की कमी नहीं है। सरकार केवल योजनाएं बनाती है लेकिन इसकी जानकारी गरीब लोगों तक नही पहुंच पाती है। जब मेरी बाते छोटी छोटी रोजगार करने वालों से हुई तो उन्होंने सरकार की योजनाओं से अनभिज्ञता जाहिर किया। जबकि सरकार कई तरह की योजनाएं चला रही है, जिसमें प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, वृ़द्धा पेंशन योजना, विधवा पेंशन योजना, विकलांग पेंशन योजना, पतित्यकत/तलाकशुदा मुस्लिम महिला योजना, परवरिश योजना, प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना, एल.पी. जी. गैस सिलेण्डर दुर्घटना इंश्योरेन्स योजना, एटीएम दुर्घटना बीमा योजना, सड़क दुर्घटना सहायता योजना, आपदा अनुग्रह दुर्घटना मृत्यु अनुदान योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फ्री सिलाई मशीन योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री निक्षय पोषण योजना, प्रधानमंत्री शादी शगुन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पारिवारिक लाभ योजना, बिहार शताब्दी योजना, बिहार शताब्दी कामगार एवं शिल्पकार समाजिक सुरक्षा योजना, दाह संस्कार हेतु आर्थिक सहायता योजना, निबंधित कामगार को मृत्यु अनुदान लाभ, विवाह सहायता अनुदान योजना, मातृत्व लाभ, पितृत्व लाभ, विकलांगता पेंशन, चिकित्सा लाभ, शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता योजना, नकद पुरस्कार योजना, सायकिल अनुदान योजना, भवन मरम्मति अनुदान योजना, औजार क्रय अनुदान योजना, पेंशन योजना, नया राशन कार्ड और पारिवारिक पेंशन योजना प्रमुख है।

बी.पी.एल.परिवार को निःशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री उज्जवला योजना लागू है। उसी प्रकार 60 वर्षों से अधिक उम्र वालों के लिए वृद्धा पेंशन योजना और विधवा पेंशन योजना लागू है। अनाथ बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार ने परवरिश योजना लागू की है, जिसके तहत प्रतिमाह 1000 रुपये सहायता अनुदान दिया जाता है।

प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना के तहत 18 वर्ष से 40 वर्ष तक के लोग आछांदित होते है। इस योजना में 60 वर्ष पूरा होने पर प्रतिवर्ष 36000 रुपये पेंशन वार्षिक दिया जाता है।

एल.पी.जी. गैस सिलेण्डर दुर्घटना इंश्योरेन्स योजना के तहत प्रत्येक गैस कनेक्शन पर 40 लाख से 50 लाख रुपये तक की बीमा राशि कवर होती है और घर के सभी सदस्यों का बीमा होता है। सड़क दुर्घटना सहायता योजना के तहत 4 लाख रुपये सहायता अनुदान दी जाती है।
सरकार द्वारा सीमांत कृषक जिनकों 2 हेक्टेयर तक या कम से कम 10 डिसमिल जमीन कृषि भूमि हो उसके लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लागू है और इसके तहत कृषक को प्रति वर्ष 6000 रुपये बैंक खाता के माध्यम से सीघे भुगतान किया जाता है।

अत्यंत गरीब महिला श्रमिक, विधवा, विकलांग, पतित्यक्त, घरेलु कामवाली बाई इत्यादि के लिए मुफ्त में रोजी-रोटी चलाने के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराने हेतु प्रधानमंत्री फ्री सिलाई मशीन योजना लागू है।

उसी प्रकार फूटपाथी दुकानदारों, रेहड़ी, ठेला वाले दुकानदारों के लिए 10 हजार रुपये का आत्मनिर्भर एक विशेष माइक्रो क्रेडिट योजना चलाई जा रही है। इसमें ऋण प्राप्त करने के लिए नगर पंचायत/नगर परिषद/नगर पालिका/नगर निगम में पंजीकृत होना आवश्यक होता है। इस योजना को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के नाम से जाना जाता है।

प्रधानमंत्री निक्षय पोषण योजना के तहत टी.बी. के मरीजों को 500 रुपये प्रतिमाह सहायता राशि दी जाती है। इसके लिए स्वास्थ्य केन्द्रों में पंजीकरण होना अनविार्य होता है।

मुस्लिम समाज की ग्रेजुएट लड़कियों के लिए आर्थिक सहायता उपहार के रूप में देने के लिए प्रधानमंत्री शादी शगुन योजना लागू है। इस योजना के तहत 51 हजार रुपये सहायता राशि दी जाती है। इसके लिए आवेदक को दस्तावेज के रूप में आवेदन के साथ ग्रेजुएट का शिक्षण प्रमाण पत्र, अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, शादी विवाह प्रमाण पत्र और मोबाईल नम्बर संलग्न करना होता है।

गर्भवती महिलाओं के पोषाहार हेतु प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना लागू है। इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को बच्चे के प्रथम जन्म पर पंजीकरण फार्म भरना होता है और आशा कार्यकर्त्ता के माध्यम से आंगनवाड़ी सेन्टर पर आवेदन करना होता है। आवेदक को इस योजना के तहत 6000 रुपये दिया जाता है।

परिवार के मुखिया की मृत्यु के उपरांत 18 से 59 वर्ष के लोगों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए पारिवारिक लाभ योजना लागू है। इस योजना के तहत 20 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है।
असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों को कार्य के दौरान दुर्घटना में पूर्णकालिक/अंशकालिक विकलांग होने पर आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से 18 वर्ष से अधिक एवं 65 वर्ष से कम उम्र के लोगों को पूर्णकालिक 75 हजार रुपये एवं एक हजार रुपये मासिक पेंशन और अंषकालिक 37,500 रुपये देने का प्रावधान बिहार शताब्दी योजना के तहत किया गया है।

इसी तरह बिहार शताब्दी कामगार एवं शिल्पकार समाजिक सुरक्षा योजना के तहत असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों को मृत्यु अनुदान के रूप में से 18 वर्ष से अधिक एवं 65 वर्ष से कम उम्र वालों के लिए सामान्य मृत्यु होने पर 30 हजार और दुर्घटना मृत्यु होने पर एक लाख रुपये आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है।

दाह संस्कार हेतु आर्थिक सहायता योजना के तहत केवल बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत कामगारों/श्रमिकों के लिए 5000 रुपये अनुदान देने का प्रावधन है। उसी प्रकार निबंधित कामगार के लिए मृत्यु अनुदान लाभ योजना के तहत स्वाभाविक मृत्यु होने पर दो लाख और दुर्घटना मृत्यु होने पर चार लाख रुपये अनुदान देने का भी प्रावधान है। निबंधित श्रमिकों के दो पुत्रियों की शादी करने के बाद 50 हजार प्रति के हिसाब से विवाह सहायता अनुदान योजना के तहत आर्थिक सहायता दी जाती है। महिला श्रमिक रेजा को प्रसवोपरांत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अकुशल कामगार को न्यूनतम मजदूरी 90 दिनों के समतुल्य करीब 25 हजार रुपये के लगभग मातृत्व लाभ योजना के तहत दी जाती है। उसी तरह निबंधित श्रमिक को पत्नी के प्रसवोपरांत 6000 रुपये पितृत्व लाभ योजना के तहत भी अनुदान दिया जाता है।

शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता योजना के तहत आईआईटी/डिप्लोमा कार्स/सरकारी आईटीआई में दाखिला हेतु/आईआईएक/एएमएस/बी.टेक/नर्सिंग कोर्स के लिए 25 हजार रुपये अनुदान दिया जाता है।
नगद पुरस्कार योजना के तहत एक वर्ष की सदस्यता पूर्ण करने पर दसवीं एवं बारहवीं में पहली क्लास पास होने पर 80 प्रतिषत से अधिक अंक लाने वालों को 25 हजार रूपये, 70 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले को 15 हजार और 60 प्रतिशत से उपर अंक लाने वाले को 10 हजार रुपये दिया जाता है।

सायकिल अनुदान योजना के तहत केवल निबंधित श्रमिकों के सायकिल हेतु एक साल की सदस्यता पर 3500 रुपये सहायता अनुदान दी जाती है।
भवन मरम्मति अनुदान योजना के तहत तीन साल की सदस्यता पर 20 हजार रुपये सहायता अनुदान देय है। उसी तरह औजार क्रय अनुदान योजना के तहत निबंधित एवं प्रशिक्षित श्रमिकों 15 हजार रुपये अनुदान सहायता दी जाती है। पेंशन योजना के तहत निबंधित श्रमिकों को प्रतिमाह 1000 रुपये पेंशन अनुमान्य है। पति के मृत्यु के उपरांत 50 प्रतिशत पेंशन पारिवारिक पेंशन योजना के तहत अनुमान्य है।
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