राकेश कुमार/जनपथ न्यूज
अक्टूबर 21, 2021
पटना: बिहार में बढ़ती तकनीक के साथ के अब अनाज सुरक्षित भंडारण के लिए अब नई तकनीक ईजाद हो चुकी है। इस तकनीक का नाम ‘साइलो स्टोरबिन’ है। यह तकनीक अमरीका से आयात की गई है। अब इस तकनीक को नीतीश सरकार सभी प्रखंडों में लागू करने जा रही है। वहीं इस तकनीक से अनाज को सुराक्षित रखने के लिए हर प्रखंड में साईलो बनाए जाएंगे, प्रत्येक खंड में 5 हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले साईलो बनाने को प्रस्ताव दिया है जिससे अनाज की बर्बादी रोकने में काफी मदद मिलेगी।

आइए जानते है कैसे काम करती है साइलो स्टोरबिन: किसान जब अपने ट्रैक्टर ट्राली के जरिए अनाज लेकर आता है तो उस अनाज को डंपर के जरिए साइलो स्टोरबिन के बेसमेंट पर बने पिट में डाल दिया जाता है। ग्रेविटी के जरिए वह अनाज साइलो स्टोरबिन में लगे क्लीनर सेक्शन में जाएगा जहां उस अनाज की ऑटोमेटिक सफाई हो जाएगी और फिर साफ किया हुआ अनाज अपने आप मशीन के जरिए स्टोरबिन में बने सुरक्षित पिट में चला जाएगा। इस तरह से वह अनाज सुरक्षित रहेगा। उसे जब चाहे बाहर निकालो सुरक्षित ही मिलेगा।
वहीं आने वाले दस बरसों में लेबर की कमी और ज्यादा हो जाएगी। इसके साथ ही लेबर महंगी भी होती जा रही है। इसलिए भविष्य में सुरक्षित अनाज भंडारण के लिए साइलो स्टोरबिन की जरूरत महसूस होगी और इसकी डिमांड भी बढ़ेगी क्योंकि साइलो स्टोरबिन को अकेला एक शख्स मेनटेन कर सकता है।
इसी तर्ज पर नीतीश सरकार ने इस तकनीकक की पहल करने का ऐलान किया है, जिसमें अनाज को सुराक्षित रखने के लिए हर प्रखंड में साईलो बनाए जाएंगे, प्रत्येक खंड में 5 हज़ार मीट्रिक टन क्षमता वाले साईलो बनाने को प्रस्ताव दिया है जिससे अनाज की बर्बादी रोकने में मदद मिलेगी।

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