राकेश कुमार/जनपथ न्यूज
अक्टूबर 21, 2021
पटना: बिहार विधानसभा भवन का आज शताब्दी समारोह है। मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मौजूद हैं। बिहार विधानसभा को दुल्हन की तरह सजाया गया है। सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम हैं। समारोह स्थल पर जाने से पहले विधानसभा परिसर में शताब्दी स्मृति स्तंभ का शिलान्यास किया। 25 फीट ऊंचे इस स्तंभ की स्थापना मुख्य भवन के सौ वर्ष पूरे होने की याद में किया गया। इसके बाद राष्ट्रपति कोविंद बोधिवृक्ष का पौधा लगाया। शाम में विधानसभा अध्यक्ष के सरकारी आवास में उनके सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया गया है। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होगा। जिसमें स्वर कोकिला शरदा सिन्हा समेत कुल 71 कलाकार प्रस्तुति देंगे। इसमें राज्यपाल और मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्री, विधायक और विधान पार्षद भी मौजूद रहेंगे।

बिहार के राज्‍यपाल फागू चौहान ने शताब्‍दी समारोह में राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद की उपस्थिति पर खुशी व्‍य‍क्‍त किया। उन्‍होंने बंगाल प्रेसिडेंसी से अलग होने के बाद बिहार विधानसभा के इतिहास के बारे में विस्तार से बताया। राज्‍यपाल ने कहा कि बिहार विधानसभा बंगाल प्रेसिडेंसी से अलग होने से पहले बिहार-ओडिशा विधान परिषद भवन था। विधानसभा ने इतिहास के कई दौर देखे। तब लॉर्ड सत्‍येंद्र प्रसन्‍न सिन्‍हा ने गवर्नर के रूप में संबोधन किया था।
राष्ट्रपति की मौजूदगी में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आज बिहार विधानसभा भवन के 100 साल पूरा होने के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने समय दिया इसके लिए उन्हें हृदय से धन्यवाद देता हूं। महामहिम का रिश्ता यहां से काफी पुराना रहा है। राष्ट्रपति हमारे यहां बिहार में करीब 2 साल के लिए राज्यपाल रहे थे। यहीं से इन्हें राष्ट्रपति बनने का मौका मिला । हम तो कहते हैं कि ये बिहारी राष्ट्रपति हैं। ये तो सीधे बिहार के राज्यपाल से राष्ट्रपति बने। हमलोगों को बेहद खुशी होती है। राष्ट्रपति कोविंद अबतक चार बार बिहार आ चुके हैं।

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