जनपथ न्यूज़ पीरपैंती. सुंदरपुर गांव में बुधवार सुबह बकरी के मल-मूत्र त्यागने के विवाद में एक महिला झुलस गई। झुलसी मुन्नी देवी (42) का इलाज मायागंज अस्पताल में चल रहा है। उसका दोनों हाथ, दोनों पैर व जांघ जल गया है। डॉक्टरों ने महिला को खतरे से बाहर बताया है। मुन्नी देवी ने अपनी दोनों गोतनी ज्ञाना देवी, वीणा देवी व उनके परिजनों पर जिंदा जलाने का आरोप लगाया है।
महिला का कहना है कि दोनों गोतनी उसे डायन बता कर प्रताड़ित करती है। हालांकि, मुन्नी देवी ने कभी डायन प्रताड़ना की शिकायत पुलिस से नहीं की। पीरपैंती पुलिस महिला के आरोप की जांच में जुट गई है। मुन्नी का पति ड्राइवर है। महिला ने बताया कि सुबह में छह बजे उनके पति और एक बेटा काम पर गया था। जबकि दूसरा बेटा दौड़ने गया था। इसी दौरान मुन्नी की बकरी गोतनी के दरवाजे पर जाकर मूल-मूत्र त्याग कर दी। इससे दोनों गोतनी मुन्नी से झगड़ने लगी। ज्ञाना और वीणा देवी दोनों सहोदर बहन भी हैं।
आरोप है कि दोनों गोतनी सह बहन ने केरासिन डालकर मुन्नी को आग लगा दिया। केरोसिन महिला के सिर या शरीर में नहीं डाला गया, बल्कि उसके पैर में डाला गया। इस कारण पैर और जांघ ही झुलसा है। आग बुझाने में महिला का दोनों हाथ भी जल गया।
जादू-टोना कर आरोपियों के परिवार को बीमार करने का आरोप
महिला का कहना है कि आग से जलाने से पहले उसके साथ दोनों गोतनी ने मारपीट की। दोनों गोतनी कहती है कि जादू-टोना कर उसके परिवार के लोगों को बीमार कर देती हूं। महिला के पति उमेश तांती ने बताया कि पड़ोसियों ने सूचना दी कि उसकी पत्नी जल गई है। घर पहुंचा तो पत्नी को इलाज के लिए पीरपैंती पीएचसी ले गया। जहां से बेहतर इलाज के लिए मायागंज रेफर कर दिया। उमेश तांती ने बताया कि दोनों भाइयों से उनका जमीन को लेकर विवाद भी चल रहा है। ये लोग उनके हिस्से की जमीन पर भी कब्जा करना चाहते हैं।
आरोपी महिलाओं ने कहा – हमें फंसाने के लिए खुद लगा ली आग
महिला की गोतनी ज्ञाना देवी का कहना है कि मुन्नी देवी गलत आरोप लगा रही है। सुबह वीणा देवी के घर बकरी चली गई थी। वीणा देवी ने उसकी बकरी को भगा दी। इस पर मुन्नी ने वीणा से कहा कि मेरी बकरी क्यों भगा दी? वह पहले भी हम दोनों को फंसाने की धमकी देती थी। आज सुबह रूम में गई और अपने शरीर पर केरोसिन उड़ेल कर खुद से आग लगा ली। जानकारी मिलने पर मेरा बड़ा बेटा चन्दन दौड़ कर गया और आग बुझाया। वहीं, वीणा देवी ने बताया कि पहले से धमकी भी देती थी हमको जमीन अधिक दो नहीं तो फंसा देंगे। जब अपने रूम में आग लगा ली तो हम दौड़ कर गए और आग बुझाया। हम पर लगाए गए आरोप निराधार है। मुन्नी मानसिक रूप से बीमार है। उसका इलाज भागलपुर के एक मनोचिकित्सक के यहां चल रहा है।

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