नृत्यांजलि: लायंस क्लब ऑफ पटना अनंता के मंच पर स्लम, ट्रांसजेंडर और कॉन्वेंट के बच्चों ने बिखेरे कला के रंग”
पटना के रविंद्र भवन में आयोजित अंतर-विद्यालय नृत्य प्रतियोगिता में दिखी सामाजिक समावेशिता की अनूठी मिसाल; महापौर श्रीमती सीता साहू ने किया दीप प्रज्वलित।

पटना, 22 अगस्त 2026:
राजधानी पटना के रविंद्र भवन में कला, ऊर्जा और सामाजिक समरसता का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। अवसर था लायंस क्लब ऑफ पटना अनंता की ओर से आयोजित अंतर-विद्यालय नृत्य प्रतियोगिता ‘नृत्यांजलि’ के भव्य आयोजन का। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पटना के 13 विद्यालयों से आए करीब 300 बच्चों ने अत्यंत उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी बेहतरीन कला का प्रदर्शन किया।

तीन श्रेणियों में हुई रोमांचक प्रस्तुतियां
कार्यक्रम के दौरान बच्चों की प्रतिभा को निखारने और परखने के लिए प्रतियोगिता को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों—सेमी-क्लासिकल, कंटेम्परेरी एवं रीजनल डांस—में बांटा गया था। प्रतिभागी बच्चों ने आकर्षक और मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों और निर्णायकों की खूब वाहवाही बटोरी।

महापौर ने किया दीप प्रज्वलित
इस भव्य समारोह की मुख्य अतिथि एवं उद्घाटक पटना नगर निगम की महापौर श्रीमती सीता साहू रहीं। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया और सभी प्रतिभागी बच्चों का उत्साहवर्धन किया। इसके अलावा, कला और नृत्य जगत की जानी-मानी हस्तियों—श्रीमती शर्मिष्ठा बनर्जी, डॉ. पूनम चौधरी, श्रीमती सोमा चक्रवर्ती एवं श्री रामचंद्र गोल्डर—ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाते हुए विभिन्न मानकों पर प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया।

समावेशिता की ऐतिहासिक मिसाल: स्लम और ट्रांसजेंडर बच्चों को मिला मंच
इस आयोजन का सबसे प्रेरणादायक और ऐतिहासिक पहलू इसकी समावेशी सोच रहा। लायंस क्लब ऑफ पटना अनंता ने इस मंच पर केवल बड़े-बड़े कॉन्वेंट स्कूलों के छात्रों को ही नहीं, बल्कि स्लम के होनहार बच्चों को भी अपनी कला प्रदर्शित करने का समान अवसर दिया। सबसे बड़ी और सराहनीय बात यह रही कि इस कार्यक्रम में ट्रांसजेंडर बच्चों को भी खुलकर अपनी प्रतिभा दिखाने का अनूठा मंच प्रदान किया गया। यह इस बात का प्रमाण है कि कला किसी वर्ग, सीमा या भेदभाव की मोहताज नहीं होती।

आयोजन के अंत में शिक्षकों, अभिभावकों, क्लब के सदस्यों और गणमान्य अतिथियों ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बच्चों की इन जादुई और भावनाओं से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया, जो लंबे समय तक शहरवासियों के जेहन में ताजा रहेगा।
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