पटना पुलिस का प्रथम संस्था के साथ “सेकंड चांस प्रोग्राम” : बेटियों को फिर मिला पढ़ाई और सुरक्षा का नया अवसर
शिक्षा से आत्मनिर्भरता और साइबर जागरूकता से सुरक्षा का संदेश, IG जितेंद्र राणा बोले— “हर बेटी का सुरक्षित और शिक्षित होना जरूरी”

पटना पुलिस अब केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सरोकारों में भी लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी में “सेकंड चांस प्रोग्राम” के तहत उन बेटियों को दोबारा शिक्षा से जोड़ने की पहल की गई है, जिनकी पढ़ाई किसी मजबूरी के कारण बीच में छूट गई थी।

कार्यक्रम के दौरान बच्चियों को शिक्षा के महत्व के साथ-साथ साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया गया। उन्हें ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया फ्रॉड और डिजिटल अपराधों से बचने के व्यावहारिक तरीके बताए गए।

इस मौके पर पुलिस महानिरीक्षक, केंद्रीय क्षेत्र, पटना जितेंद्र राणा ने कहा कि शिक्षा और साइबर जागरूकता ही बेटियों की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की पहली सीढ़ी है। उन्होंने कहा कि पुलिस समाज को सुरक्षित बनाने के साथ-साथ युवाओं और बेटियों को सशक्त बनाने के लिए भी लगातार काम कर रही है।

यह कार्यक्रम Pratham संस्था के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं और महिला पुलिसकर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बेटियों को आत्मविश्वासी, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना था।
पटना पुलिस की यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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