जनपथ न्यूज डेस्क
Reported by: गौतम सुमन गर्जना, भागलपुर
Edited by: राकेश कुमार
4 अगस्त 2022

भागलपुर : भागलपुर शहर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल है लेकिन यहां दो बस स्टैंड नरक का पर्याय बना हुआ है। गंदगी, जलजमाव और कीचड़ से होकर गुजरते हुए यात्री बस पकड़ते हैं। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था न तो प्राइवेट बस स्टैंड पर है और न सरकारी बस स्टैंड पर। यात्रियों की मजबूरी है कि वह अपना पैसा खर्च कर पानी की बोतल खरदीते है। मूलभूत सुविधाओं के अभाव का रोना इतना ही नहीं है। अगर यात्रियों को बस के इंतजार करना पड़े तो बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं है, या तो वे खड़े इंतजार करते हैं या फिर नास्ता की दुकानों पर अपनी जेबें खाली करते हैं।

*तिलकामांझी सरकारी बस स्टैंड का हाल* तिलकामांझी-बरारी मार्ग पर भागलपुर पथ परिवहन निगम का बस स्टैंड हैं। दूर से ही देखने से लगता है कि यहां पर मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। तेज बारिश होने पर जलजमाव की स्थिति बन जाती है। कुछ दिन पहले शौचालय बना है लेकिन पीने के पानी का अभाव है। हर माह निगम को निगम की बस और पीपीपी मोड वाले बस से लगभग 60 लाख से अधिक राजस्व की प्राप्ति होती है लेकिन यात्री सुविधा नहीं के बराबर है।

*प्राइवेट बस स्टैंड की स्थिति*
पथ परिवहन निगम से भी खराब स्थिति डिक्सन मोड़ के आगे प्राइवेट बस स्टैंड की है। रेलवे द्वारा हर तीन साल के लिए इस स्टैंड का ठेका दिया जाता है लेकिन सुविधा कुछ भी नहीं है। यहां पर यात्री सुविधा के नाम पर मात्र एक जर्जर यात्री शेड है। एक महिला शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। बारिश के कारण प्राइवेट बस स्टैंड की स्थिति भी नारकीय है और स्टैंड पूरा कीचड़मय है।

• प्राइवेट बस स्टैंड में न शौचालय,न पीने के पानी की सुविधा,यात्री शेड भी है जर्जर,
• सरकारी बस स्टैंड से हर साल 60 लाख से अधिक आमदनी, यात्रियों के बैठने की कुर्सी तक नहीं।
• सरकारी का हाल और बेहाल फर्श नहीं बनाया, लगा दिया एलइडी, वो भी पड़ा है बेकार।
• प्राइवेट बस स्टैंड से कोलकाता सिलीगुड़ी, झारखंड और बिहार के कई जिलों के लिए होता है बस का परिचालन।
• प्राइवेट बस स्टैंड से हर दिन 100 से अधिक बसों का और सरकारी बस स्टैंड से 51बसों का होता है परिचालन।

*क्या कहतें हैं अधिकारी*
मामले को लेकर भागलपुर पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पवन कुमार शांडिल्य ने बताया कि सरकारी बस स्टैंड परिसर में यात्रियों के लिए एक पुराना शेड और कुछ माह पहले एक नया शेड बना है। परिसर में पानी का घोर अभाव है। बोरिंग को लेकर जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया है। शुद्ध पानी के लिए प्राइवेट कियोस्क मशीन है, जहां एक रुपया लीटर पानी मिलता है। निगम कोशिश में लगा है,जल्द यात्रियों के लिए शुद्ध पानी की व्यवस्था की जाये। उन्होंने बताया कि कोशिश की जा रही है कि परिसर में जलजमाव न हो।

*यात्री सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं*
वहीं, जिला मोटर मालिक संघ के अध्यक्ष हरि प्रकाश उपाध्याय उर्फ लट्टू बाबा ने कहा कि रेलवे द्वारा बस स्टैंड का ठेका लगभग ढाई करोड़ रुपये में तीन साल के लिए किया जाता है लेकिन यात्री सुविधा कुछ नहीं दी जाती है। यात्री सुविधा को लेकर जिला मोटर मालिक संघ के प्रतिनिधि ने मालदा डिवीजन के पदाधिकारियों से लेकर जिला प्रशासन के पदाधिकारियों तक से मिल कर बात की लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।

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