जनपथ न्यूज डेस्क
Reported by: जितेन्द्र कुमार सिन्हा/पटना
Edited by: राकेश कुमार
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8 दिसंबर 2022

यदि हम नियमित रूप से गीता का अध्ययन करें तो जीत-हार, मित्र-शत्रु, उत्थान-पतन के द्वंद्व का बेहतर तरीके से सामना कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि हम सबके अंदर असीम क्षमताएं हैं जिसका ज्ञान कराने के लिए हमें मधुसूदन यानी कि एक सच्चे गुरु की आवश्यकता है। महाभारत युद्ध के दौरान कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन का मार्गदर्शन भगवान श्री कृष्ण ने किया। हम सब को भी अपने जीवन में मार्गदर्शन करने वाला सच्चा गुरु प्राप्त हो। उक्त बातें प्रसिद्ध लेखिका डॉ ममता मेहरोत्रा ने अपनी पुस्तक “गीता प्रश्नोत्तरी” के विमोचनोपरांत बोल रही थी।

उन्होंने कहा कि गीता सिर्फ धर्मग्रंथ नहीं है बल्कि हमारा सहचर,सखा और मार्गदर्शक भी है।

ज्ञातव्य है कि मंगलवार को डॉ ममता मेहरोत्रा की पुस्तक “गीता प्रश्नोत्तरी” का विमोचन करते हुए बिहार विधान परिषद के सभापति देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा था कि यह पुस्तक समाज को मार्गदर्शन देने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि ममता मेहरोत्रा की लेखनी ने लंबा सफर तय किया है। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपनी यात्रा शुरुआत करते हुए सबसे पहले अनुभव आधारित पुस्तकें लिखीं और फिर कथा,नाटक, शैक्षणिक पुस्तकें आदि लिखने के बाद अब गीता पर यह पुस्तक लिखी है जो युवाओं के लिए तो उपयोगी हैं ही, यह सब के लिए उपयोगी है। इस पुस्तक से हमें पता चलता है कि गीता का सार क्या है। धर्म के रास्ते पर चलते हुए लक्ष्य को प्राप्त करना हमारे जीवन का ध्येय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ममता मेहरोत्रा दूरदर्शी होने के साथ-साथ काफी मेहनती भी हैं।

विमोचन समारोह में उद्योग विभाग के विशेष सचिव और साहित्यकार दिलीप कुमार, गजलकार समीर परिमल, सामाजिक कार्यकर्ता पंकज सिंह मंचासीन थे।

उक्त अवसर पर गजलकार समीर परिमल ने कहा कि डॉ ममता मेहरोत्रा ने 50 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं और उन्होंने अलग-अलग विषयों पर लिखा है जिससे उनकी विद्वता जाहिर होती है।

विमोचन समारोह का संचालन श्वेता गजल ने की। पूनम चौधरी, मुकेश महान, विभा सिंह, आशुतोष मेहरोत्रा, दिव्या यादव, एंजेल, राज कांता, सुधा पांडे, डॉ नीतू नवगीत, मीना परिहार, रत्नेश्वर कार्यक्रम में उपस्थिति थे।

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