जनपथ न्यूज़:- कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी को मानहानि केस में पटना के एमपी/एमएलए कोर्ट से जमानत मिल चुकी है. उन्होंने मोदी सरनेम वालों को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया था. बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी को यह नागवार गुजरी और उन्होंने पटना के स्थानीय अदालत में मामला दर्ज कराया था.
कोर्ट में पेश होने पर डिप्टी सीएम सुशील मोदी के वकील की ओर से आरोप पढ़कर सुनाया गया. इस पर राहुल गांधी के वकील की ओर से आरोप को गलत बताया गया. राहुल गांधी आरोप पर सिर्फ नो बोले. इसके बाद राहुल गांधी के वकीलों की ओर से दिए गए जमानत के आवेदन पर कोर्ट ने सुनवाई की और 10-10 हजार के दो मुचलकों पर जमानत दे दी.
जमानत मिलने के बाद राहुल गांधी कोर्ट से बाहर निकल गए. राहुल गांधी के साथ बड़ी संख्या में बिहार कांग्रेस के नेता मौजूद थे. बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल, वीरेंद्र सिंह राठौर, अध्यक्ष मदन मोहन झा मुख्य रूप से साथ थे.
जमानत के लिए राहुल गांधी आज पटना पहुंचे थे. कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी. इसके बाद पटना में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर लगे सारे आरोप गलत हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) उनकी आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है.
ज्ञात हो कि एमपी/एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी गुंजन कुमार की अदालत में इस मामले में सुनवाई हुई. राहुल गांधी पर आरोप है कि 13 अप्रैल को बेलूर के ककोर में एक चुनावी सभा के दौरान मोदी सरनेम वाले लोगों को लेकर आपत्तिजनक टिपण्णी की थी.
कांग्रेस के निवर्तमान अध्यक्ष राहुल गांधी कोर्ट परिसर से निकल कर रास्ते में मौर्या लोक परिसर में रुके और यहां के प्रसिद्ध मशाल डोसा के एक रेस्टोरेंट में कुछ कांग्रेस जनों के साथ मशाल डोसा खाया. मशाल डोसा खाने के बाद उन्होंने रेस्टोरेंट के मैनेजर को धन्यवाद किया और फिर हवाई अड्डा के लिए रवाना हो गये. उनके दोपहर के भोजन के लिए निर्धारित इस कार्यक्रम को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया था.
राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर लगाया ये गंभीर आरोप
मानहानि के एक मामले के सिलसिले में यहां की एक अदालत में पेश हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में जो भी सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है, उससे बदला लिया जाता है. उन्होंने कहा, ‘‘मैं देश के गरीब, किसानों और श्रमिकों के लिए लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हूं. मैं यहां उनके प्रति एकजुटता व्यक्त करने के लिए आया हूं.”
राहुल गांधी ने अदालत से निकलते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘‘जो भी मोदी सरकार, भाजपा-आरएसएस के खिलाफ खड़ा होता है उसके खिलाफ अदालती मामले दायर करके निशाना बनाया जाता है. लेकिन, मेरी लड़ाई जारी रहेगी.” कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गांधी ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुमार गुंजन की अदालत में आत्मसमर्पण किया और जमानत प्राप्त की.
गांधी ने लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस सप्ताह के शुरू में कांग्रेस प्रमुख के पद से इस्तीफा दे दिया था. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने गत अप्रैल में गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला दायर किया था. सुशील मोदी ने उक्त मामला गांधी द्वारा यह टिप्पणी करने पर आपत्ति जताते हुए दायर किया था कि सभी चोरों के उपनाम मोदी क्यों हैं? गांधी का इशारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बैंक धोखाधड़ी आरोपी नीरव मोदी और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी की ओर था.
कांग्रेस के कई कार्यकर्ता पटना अदालत के बाहर प्रदर्शन करते हुए देखे गये. प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं की मांग थी कि गांधी पार्टी अध्यक्ष पद से दिया अपना इस्तीफा वापस लें. कांग्रेस नेता गांधी की अदालत में इस पेशी से कुछ दिन पहले उन्होंने और माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने मुंबई की अदालत में आरएसएस के एक कार्यकर्ता द्वारा दायर मानहानि के एक अन्य मामले में स्वयं को निर्दोष बताया था.

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