नियम की अनदेखी करते हुए उद्धव और उनके मंत्रियों ने शपथ ली थी, राज्यपाल ने आपत्ति जताई

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जनपथ न्यूज़ मुंबई. यहां गुरुवार को हुए उद्धव ठाकरे और उनके मंत्रियों के शपथ ग्रहण के तरीके पर महाराष्ट्र के राज्यपाल ने आपत्ति जताई है। नियमों और तय प्रकिया का उल्लंघन करते हुए विधायकों ने राज्यपाल द्वारा शपथ शुरू करने से पहले अपने-अपने नेताओं और भगवान को याद किया। किसी ने छत्रपति शिवाजी महाराज को स्मरण किया तो किसी ने बाला साहेब ठाकरे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और शरद पवार का नाम लिया। सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल ने आगे किसी भी कार्यक्रम में ऐसा न करने की हिदायत दी।

किसने कहां की नियम की अनदेखी

  • उद्धव ठाकरे: शपथ ग्रहण की शुरुआत में कहा- छत्रपति शिवाजी महाराज का वंदन और बालासाहब ठाकरे का स्मरण करते हुए मैं शपथ लेता हूं..।
  • एकनाथ शिंदे: मैं शिवसेना प्रमुख बाला साहब ठाकरे का वंदन करते हुए, धर्मवीर आनंदी गेर का स्मरण करते हुए, माता-पिता के आशीर्वाद के साथ और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री माननीय उद्धव ठाकरे का आशीर्वाद लेकर मैं शपथ लेता हूं…।
  • सुभाष देसाई: छत्रपति शिवाजी महाराज और माननीय बालासाहब ठाकरे का वंदन करते हुए शपथ लेता हूं…।
  • जयंत पाटिल: आदरणीय शरद पवार साहब का वंदन करते हुए शपथ लेता हूं…।
  • छगन भुजबल: जय महाराष्ट्र, जय शिवराय, मैं महताम ज्योतिराव फुले, छत्रपति शिवराय, बाबा साहब अम्बेडकर, गायत्रीमाता फुले का वंदन करता हूं। बाला साहब ठाकरे के स्मृति स्थल का वंदन करता हूं और आदरणीय शरद पवार साहब के आदेश के अनुसार माननीय उद्धव साहब ठाकरे के मंत्रिमंडल में शामिल होने को लेकर शपथ लेता हूं…।
  • बालासाहब थोराट: आदरणीय सोनिया गांधी जी के आशीर्वाद के अनुसार मैं शपथ लेता हूं…।
  • नितिन राउत: मैं सबसे पहले परमपूज्य डॉ. बाबासाहब अम्बेडकर का वंदन करता हूं और आदरणीय सोनिया और राहुल गांधी के आशीर्वाद के साथ मैं शपथ लेता हूं…।

(नोट- उद्धव व मंत्रियों ने मराठी में शपथ ली, जिसका यहां हिंदी अनुवाद किया गया है)

क्या सही है? पद की शपथ 
मैं…. ईश्वर की शपथ लेता हूं कि मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूंगा। मैं भारत की प्रभुता और अखंडता अक्षुण्ण रखूंगा। मैं महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री/मंत्री के रूप में अपने कर्तव्यों का श्रद्धा पूर्वक और शुद्ध अंतःकरण से निर्वहन करूंगा। तथा मैं भय या पक्षपात, अनुराग या द्वेष  के बिना सभी प्रकार के लोगो के प्रति संविधान और विधि के अनुसार न्याय करूंगा।

गोपनीयता की शपथ?
मैं ….ईश्वर की शपथ लेता हूं / सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं कि जो विषय राज्य के मंत्री के रूप में मेरे विचार के लिए लाया जाएगा अथवा मुझे ज्ञात होगा उसे किसी व्यक्ति या व्यक्तियों को, तब के सिवाय जबकि ऐसे मंत्री के रूप में अपने कर्तव्यों के सम्यक निर्वहन के लिए ऐसा करना अपेक्षित हो, मैं प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से संसूचित या प्रकट नहीं करूंगा।

शपथ के दौरान राज्यपाल मैं…शब्द से शुरुआत करते हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री/ मंत्री अपना नाम लेते हुए शपथ लेते है। पहले पद की शपथ दिलाई जाती है, फिर गोपनीयता की। दोनों बार राज्यपाल मैं से शुरुआत करते हैं।

बीच में काटी राज्यपाल की बात
नवनियुक्त मंत्रियों में ज्यादातर ऐसे रहे, जिन्होंने राज्यपाल की ओर से शपथ ग्रहण प्रक्रिया शुरू करने के बावजूद उन्हें बीच में रोका। उनकी बात काटते हुए अपने लोगों को याद किया और फिर शपथ प्रक्रिया पूरी की।

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