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सिविल सेवा की तैयारी: भाषा नहीं, हॉलिस्टिक अप्रोच है सफलता की कुंजी: प्रो. डी पी अग्रवाल

जनपथ न्यूज़

24 अगस्त 2025

​पटना:  संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह एक आम धारणा है कि सफलता के लिए अंग्रेजी माध्यम का होना ज़रूरी है, लेकिन इस भ्रम को दूर करते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि सिविल सेवा में सफलता के लिए भाषा कभी भी बाधा नहीं बनती। बल्कि, इसके लिए दृढ़ इच्छाशक्ति, लगन और एक समग्र दृष्टिकोण (हॉलिस्टिक अप्रोच) का होना ज़रूरी है।

ये बातें यूपीएससी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. डीपी अग्रवाल ने शुक्रवार को कॉलेज ऑफ कॉमर्स में आयोजित में “बदलते परिप्रेक्ष्य में यूपीएससी : नवीन प्रवृतियाँ एवं चुनौतियाँ ” विषयक सेमिनार में कहीं.

​गौतम बुद्धा ग्रामीण विकास फाउंडेशन की ओर से संचालित अभियान – 40 (आईएएस)और कॉलेज ऑफ कॉमर्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सेमिनार में यूपीएससी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. डीपी अग्रवाल ने कहा कि भाषा सिर्फ ज्ञान को प्रकट करने का एक माध्यम है, न कि उसे मापने का पैमाना। उन्होंने हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री की कमी पर चिंता जताई और विद्वानों से अपील की कि वे एकजुट होकर इस कमी को दूर करें ताकि हिंदी भाषी छात्र अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा वापस पा सकेंl

​इस मौके पर भू राजस्व पर्षद के सचिव श्री गिरिवर दयाल सिंह(आईएएस) सर ने कहा कि यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफल होने के लिए शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ अनुशासन और धैर्य का होना बेहद ज़रूरी है। उन्होंने छात्रों को पिछली असफलताओं से निराश न होने की सलाह दी और कहा कि सही दिशा में लगातार और कड़ी मेहनत करने से कोई भी परीक्षा पास करना मुश्किल नहीं है।

​इस कार्यक्रम में फाउंडेशन के संस्थापक सह राष्ट्रीय अध्यक्ष बिलास कुमार, अलावा बीपीएससी के पूर्व सदस्य प्रो. डीएन शर्मा, प्रो. आरएन दिवाकर, कॉलेज के प्राचार्य प्रो. इंद्रजीत प्रसाद रॉय और प्रो. संतोष कुमार सिंह, प्रीतम शाही एंव अभियान:-40(आईएएस)संस्थान के सभी सदस्य भी मौजूद थे।

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