जनपथ न्यूज डेस्क

Reported by: गौतम सुमन गर्जना, भागलपुर
Edited by: राकेश कुमार
12 सितंबर 2022

भागलपुर : जिले के नवगछिया अनुमंडल कारा में देर शाम एक बंदी की संदेहास्पद मौत हो जाने की चर्चा के बाद नवगछिया का माहौल गर्म हो गया। सूचना के अनुसार जेल में बंदी की मौत के बाद काफी संख्या में उसके रिश्तेदार, परिजन व ग्रामीण नवगछिया जेल के पास पहुंचे, जहां से उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया गया। हालत बिगड़ने के बाद दो बंदियों को भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सह मायागंज अस्पताल भेज दिया गया, जहां एक बंदी सोनवर्षा के संतोष कुमार को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि दूसरे का इलाज मायागंज अस्पताल के ही कैदी वार्ड में फिलवक्त कराया जा रहा है।

*जेल प्रबंधन पर गंभीर आरोप*
मायागंज अस्पताल में मौजूद परिजनों ने संतोष की मौत को लेकर जेल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाये हैं। हालांकि, नवगछिया जेल प्रबंधन ने लगाये गये आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए पूरे मामले की जांच कराने और मौत के सही कारणों का पता लगाने की बात कही है।

*अचानक बिगड़ी तबीयत, रास्ते में मौत*
जेल सूत्रों के अनुसार नवगछिया जेल में बंद हत्याकांड मामले के अभियुक्त सोनवर्षा के संतोष कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। जेल के भीतर उसका प्राथमिक इलाज कर उसे मायागंज अस्पताल भेजा गया था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। उसी वक्त जेल में बंद एक अन्य कैदी सैदपुर के मनीष कुमार की भी तबीयत खराब हो गई और उसे भी मायागंज अस्पताल भेज दिया गया। सोनवर्षा के रोहित दास के पुत्र संतोष कुमार को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि सैदपुर के विचाराधीन बंदी मनीष कुमार को इलाज के लिए जेएलएनएमसीएच मायागंज के बंदी वार्ड में भर्ती करा दिया गया है।

*जेल अधिक्षक ने की पुष्टि*
नवगछिया अनुमंडल कारा के जेल अधिक्षक तारिक अनवर ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों बीमार थे और दोनों के बीमार होने की वजह अलग-अलग है। दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां एक की मौत हो गई है।

*जहर की सुई देकर मारने का आरोप*
जेल अधिक्षक ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही सोनवर्षा से बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतक के परिजन भागलपुर मायागंज पहुंच गये थे। मृतक की पत्नी उषा देवी ने आरोप लगाया है कि उसके पति को जहर की सुई देकर मार डाला गया है।
मृतक की पत्नी उषा देवी ने कहा कि शराब पीने के बाद हुई मौत के मामले में उसके पड़ोसियों ने उसके पति को फंसाया था। करीब तीन माह पहले उसे जेल भेजा गया था। मृतक के भाई अशोक दास ने कहा कि घटना के बाद उन्हें किसी प्रकार की सूचना नहीं दी गई। सबसे पहले वे लोग थाना गये थे, वहां से पता चला कि संतोष अस्पताल में है। तब वह लोग स्थानीय अस्पताल आये, वहीं से पता चलने पर वे लोग फिर जेएलएनएमसीएच पहुंचे, तो वहां संतोष का शव रखा पड़ा मिला।

*जेल में एक की आत्महत्या का भी आया था मामला*
गौरतलब हो कि पिछले दिनों इसी जेल में एक की आत्महत्या का मामला भी सामने आया था। कुछ दिन बाद ही इस जेल में हुई इस दूसरी घटना से जेल की व्यवास्था पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। जेल में संतोष कुमार की मृत्यु के बाद नवगछिया के बुद्धिजीवियों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

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