जनपथ न्यूज डेस्क

Reported by: गौतम सुमन गर्जना, भागलपुर
Edited by: राकेश कुमार
4 अक्टूबर 2022

भागलपुर : वक्त-वक्त की बात है, कभी जगदानंद सिंह के इस्तीफे को लालू प्रसाद यादव ने तकिये के नीचे रख दिया था। आज उसी जगदानंद सिंह के बेटे को एक झटके में इस्तीफा लेकर कैबिनेट से बाहर कर दिया गया। इसी को कहते हैं समय का फेर। तब लालू प्रसाद यादव बिहार के मुख्यमंत्री थे और आज उनका बेटा तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री हैं। यानि एक पैदान नीचे। चर्चा तो यह है कि डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने ही जगदानंद सिंह के बेटे और बिहार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह को फोन कर इस्तीफा देने को कहा था। उसके बाद सुधाकर सिंह ने तेजस्वी यादव को अपना इस्तीफा भेज दिया। बाद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वीकार कर लिया।

तटबंध टूटा तो दे देंगे इस्तीफा : कुछ ऐसा ही वाकया आज से 30 साल पहले हुआ था, बस पात्र अलग-अलग थे। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव बिहार के मुख्यमंत्री थे और जगदानंद सिंह जल संसाधन मंत्री। जगदानंद सिंह के इस्तीफे का वाकया 1992 का है। उस वक्त बिहार में जनता दल की सरकार थी। विधानमंडल का मानसून सत्र चल रहा था, बिहार विधानसभा में नदियों के तटबंध को लेकर सवाल किए जा रहे थे। उस वक्त जल संसाधन मंत्री जगदानंद सिंह ने सदन में ऐलान कर दिया कि बिहार में अगर कोई तटबंध टूटा तो वो इस्तीफा दे देंगे।

और जगदानंद सिंह ने दे दिया इस्तीफा : बताया जाता है कि जगदानंद सिंह के ऐलान के अगले दिन खबर आई कि उत्तर बिहार में एक तटबंध टूट गया है। बिहार विधानसभा में इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ था। मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इसे मुद्दा बना दिया था। विपक्षी विधायकों ने जल संसाधन मंत्री जगदानंद सिंह से इस्तीफे की मांग करने लगे। हो हंगामे के बाद सरकार ने विधानसभा की कमेटी बनाकर मामले की जांच कराने का ऐलान किया। राजो सिंह के नेतृत्व में जांच समिति गठित हुई। इधर जगदानंद सिंह ने इस्तीफा दे दिया। हालांकि, सरकारी अधिकारियों ने जो रिपोर्ट दी थी, उसमे कहा गया था कि तटबंध में टूट नहीं हुई है, कुछ हिस्से में मामूली कटाव हुआ था।

‘तकिये के नीचे है’ : उधर, तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने जगदानंद सिंह के इस्तीफे को मंजूर कर राज्यपाल के पास नहीं भेजा। लालू प्रसाद यादव ने इस्तीफे को अपने पास ही रखा। बताया जाता है कि ये स्थिति कई दिनों तक बनी रही। जगदानंद सिंह के इस्तीफे को लेकर चर्चाएं होती रही। लालू प्रसाद यादव से मीडिया सवाल पूछती थी कि जगदानंद सिंह के इस्तीफे का क्या हुआ तो लालू कहते थे तकिये के नीचे है

तब नीतीश ने की थी मध्यस्थता : बताया जाता है कि उस वक्त लालू प्रसाद यादव और जगदानंद सिंह के बीच उपजे विवाद को निपटाने के लिए नीतीश कुमार ने पहल की थी। कहा जाता है कि जगदानंद सिंह के इस्तीफे से लालू प्रसाद यादव बहुत नाराज थे। उनका कहना था कि राय मशवरा किए बिना ही मंत्री का इस्तीफा देना गलत परंपरा की शुरुआत है। लिहाजा न तो उन्होंने इस्तीफा स्वीकर कर राज्यपाल को भेजा और न ही उसे अस्वीकार कर जगदानंद सिंह को मंत्री को कामकाज संभालने को कहा। बहुत दिनों तक ये स्थिति बनी रही। बाद में नीतीश कुमार के कहने पर जगदानंद सिंह को मुख्यमंत्री आवास बुलाया गया, आपसी बातचीत हुई और इस्तीफा अस्वीकार कर जगदा बाबू को वापस मंत्री का काम संभालने को कहा गया।

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