जनपथ न्यूज डेस्क
Reported by: जितेन्द्र कुमार सिन्हा
Edited by: राकेश कुमार
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29 नवम्बर 2022

पटना: पटना के कंकड़बाग स्थित द्वारिका कॉलेज के नजदीक एक महिला (चिंता देवी) को सोमवार की रात को चार पहिया वाहन ने ठोकर मार कर भाग गया। उस हादसे में चिंता देवी की पैर की हड्डी टूट गई, उसी समय वहां से मानव अधिकार रक्षक की संस्थापिका रीता सिन्हा गुजर रही थी। उन्होंने बताया कि वे घायल महिला को जल्दी से उठाया और महिला को टक्कर मारने वाले वाहन का पीछा की जिसे महिला चला रही थी। महिला चालक अपने घर में चली गई तो उसे बाहर निकलने के लिए कहा। लेकिन महिला बाहर नहीं निकल रही थी और घर के अंदर से ही बहस करने लगी।

उन्होंने बताया कि दुघर्टना को लोग सड़क के पास खडे होकर सिर्फ नजारा देखने में लगे थे। जब मैं वाहन चालक को बताया कि मै मानव अधिकार रक्षक की संस्थापिका हूं और अगर आपने इस महिला को जल्द से जल्द अस्पताल में भर्ती नही कराया तो मैं मजबूरन आपके ऊपर पुलिस केस करूंगी। इस बीच उन्होंने अपनी महिला मंडल टीम को तुरंत फोन किया और महिला टीम मौके पर तुरंत पहुंच गई और दोषी महिला के परिवार वालो को तुरंत अस्पताल चल महिला का इलाज कराने को कहा, दोषी महिला के परिवार वालों ने जब देखा की मानव अधिकार रक्षक की पूरी टीम घर के बाहर धरना देने को तैयार है तब मजबूरन उन्हें घर से निकलना पड़ा और तुरंत चिंता देवी को अस्पताल ले जाया गया।

संस्थापिका ने बताया कि टीम ने अपने सामने चिंता देवी को डॉ आर एन सिन्हा, हड्डी रोग विशेषज्ञ, कंकड़बाग अस्पताल में एडमिट करवाया और पूरी जांच करवाई, दोषी के परिवार वाले ने सारा खर्च उठाने का जिम्मा अपने ऊपर ले लिया है।

मानव अधिकार रक्षक टीम ने चिंता देवी के पुत्र रोहित कुमार को आश्वासन दिया है कि उनकी मां पूरी तरह से ठीक हो जायेंगी और कोई भी समस्या हो तो तुरंत मानव अधिकार रक्षक टीम से संपर्क कर सकते हैं।

मानव अधिकार रक्षक की टीम से कंकड़बाग टीम लीडर किरण के साथ एक्टिव मेंबर रश्मि, रमा और आर्यन चंद्रा ने घायल चिंता देवी को न्याय दिलाने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके लिए मानव अधिकार रक्षक संस्था की संस्थापिका रीता सिन्हा ने सभी को इस कार्य के लिए हृदय से आभार व्यक्त की।

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