पटना में देश के सबसे बड़े सॉल्वर गैंग का खुलासा……

न्यूज डेस्क/जनपथ न्यूज
Edited by: राकेश कुमार
मार्च 10, 2022

बिहार के पटना में निजी संस्थानों में नामांकन, सरकारी और प्राइवेट फार्म में नौकरी, प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में सीधे प्रवेश का ठेका लेने वाले देश के सबसे बड़े शातिर सॉल्वर गैंग का खुलासा पटना पुलिस ने किया है। इन शातिरों के पास ऐसे डिवाइस बरामद हुए हैं, जिनके बारे में जानकर आप हैरान हो जाएंगे। इन शातिरों के देश के सभी बड़े शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन में फर्जीवाड़ा कर प्रवेश दिलाने का रिकॉर्ड है।

पटना एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने खुलासा करते हुए बताया है कि पुलिस ने विशेष ऑपरेशन चलाकर सॉल्वर गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है. एसएसपी के मुताबिक, ये नगिरोह ऑफलाइन और ऑनलाइन के अलावा मैनुअल तरीके से परीक्षा में सफलता दिलाने का ठेका लेकर अभ्यर्थियों से पैसे की उगाही करते थे।

गिरोह का सरगना बिहार के नालंदा का रहने वाला अश्विनी सौरभ है। पुलिस की ओर से की गई पूछताछ में गिरोह के सदस्यों ने स्वीकार किया है कि ये लोग रेलवे, मेडिकल प्रवेश परीक्षा, एसएससी, एमजीआईसीएस और गार्ड की नौकरी लगाने के लिए अभ्यर्थियों से संपर्क करते हैं।

पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य बिहार के कई इलाकों में अभ्यर्थियों से संपर्क करते हैं। उनसे प्रमाण पत्र और पैसे लेने के बाद उन्हें परीक्षा में पास करवाने की गारंटी लेते हैं। कई अभ्यर्थी अपने घर की जमापूंजी और गहने बेचने के साथ जमीन बेचकर गिरोह को पैसे देते हैं। उसके बाद गिरोह उनकी बकायदा ट्रेनिंग देता है और उसके बाद उसे परीक्षा में पास करवाने का ठेका लेकर पूरे पैसे लेता है। अभ्यर्थियों से 2 लाख से लेकर 5 लाख रुपये तक लिए जाते हैं। इसके अलावा अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्र गिरोह अपने पास रखता है।

उगाही के पैसे से थाइलैंड के बैंकाक और पटाया के अलावा देश के बाकी हिस्सों में गिरोह के सदस्य ऐश करते हैं। अभ्यर्थियों के पास हो जाने के बाद पांच लाख के अलावा और भी रकम की वसूली की जाती है। गिरोह के सदस्य ठगी के पैसे से कई शहरों में जमीन भी खरीदते हैं। पुलिस के मुताबिक पुलिस ने छापेमारी में 70 अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्र और रेलवे क्लर्क, एनटीपीसी, आरआरबी के एडमिट कार्ड जब्त किए हैं। इस गिरोह के आरोपी व्यापम घोटाले में जेल भी जा चुके हैं।

गिरोह के सदस्यों ने बताया कि प्रवेश पत्रों और टेस्ट पत्रों की छपाई करने वाली प्रिटिंग प्रेस से इनका सीधा कनेक्शन है।

पुलिस के मुताबिक इनलोगों से पूछताछ जारी है। बिहार की कई परीक्षाओं के बारे में भी इनकी संलिप्तता सामने आ सकती है। पुलिस ने बताया कि गिरोह के सदस्यों के पास से 19 लाख रुपया नगद और 19 हार्ड जिस्क 774 सीपीयू मदरबोर्ड पांच वाईफाई राउटर 21 मॉनिटर तीन रन एक आईपैड एक पेन ड्राइव और 12 मोबाइल 10 रबर मोहर के साथ 6 ब्लूटूथ डिवाइस दो कॉमल रेल सॉफ्ट दो इस प्रकार 6 ईयर पीस एक टूलकिट और एक्सटेंशन बोर्ड और एक यूएसबी हब जब्त किया गया है।

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