राहिल सिद्दीकी/भागलपुर
जनपथ न्यूज़ भागलपुर : विक्रमशिला पुल और एनएच 80 पर 105 किलोमीटर महाजाम,
भागलपुर सहित नवगछिया, कटिहार और बांका जिले के लोगों को महाजाम झेलना पड़ा. इस कारण जगह-जगह झड़प होती रही.शहरी क्षेत्र की सड़कों पर ट्रकों की लंबी कतार थी.
जाम बांका की ओर से झारखंड सीमा से लेकर कटिहार के कुरसेला तक लगभग 105 किलोमीटर लगा रहा. अलीगंज से लेकर भागलपुर जीरोमाइल चौक तक का सफर तय करने में वाहनों को घंटे से भी अधिक वक्त लगा. सुबह से लगा जाम रात 8.30 तक कायम रहा, फिर रात नौ बजे नो इंट्री हटते ही ट्रकों का रेला शुरू हो गया।
दिन में जगह-जगह स्कूली बच्चे फंसे रहे. तो वही महाराष्ट्र से सिलीगुड़ी जा रहे पर्यटकों की बस के शहर में घंटों फंसे रहने से महिला पर्यटकों ने हंगामा किया. उनके बच्चे प्यास और भूख से परेशान हो रो रहे थे. और व्यवस्था को कोस रहे थे . दूसरी तरफ डीपीएस, भागलपुर के 86 छात्र-छात्राएं तीन बसों में घंटों कुरसेला में फंसे रहे. बाथरूम, पानी और सुरक्षा की आशंका से छात्राएं फूटफूट कर रोती रहीं.महाजाम के कारण दर्जनों एंबुलेंस जगह-जगह फंसे रहे. आइजी बिनोद कुमार अपने कार्यालय नहीं जा सके और बंदियों को पैदल कोर्ट लाना पड़ा. इधर, व्यवस्था से नाराज चेंबर अध्यक्ष शैलेंद्र सराफ ने प्रशासन को खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि अगर व्यवस्था नहीं सुधार सकते तो उनकी दुकानों में ताला लगा दें. महाजाम का दंश शहर के सभी चौक-चौराहों, मुख्य सड़कों और गलियों ने झेला. जिसमें मरीज, स्कूली बच्चे, बूढ़े, सरकारी और गैर सरकारी कर्मी से लेकर अधिकारी भी फंसे रहे. इधर विक्रमशिला पुल पार करने वाले वाहनों को जीरोमाइल से लेकर विक्रमशिला सेतु चढ़ने तक का सफर तय करने में घण्टो लग गये.
महाजाम से निजात दिलाने एसएसपी व 11 थानों की पुलिस उतरी सड़को पर
हालात की गंभीरता को भांपते हुए भागलपुर पुलिस के अधिकारी भी सड़कों पर उतरे और उन्होंने जाम से निजात दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया. लेकिन देर रात तक शहर को जाम से छुटकारा नहीं मिल सका. एसएसपी, सिटी डीएसपी सहित भागलपुर के 11 थानों के थानेदारों को जाम से निबटने के लिए लगाया गया था. लोगों के पास जाम में फंस कर इंतजार करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था.

Leave a Reply

Your email address will not be published.