जनपथ न्यूज़ पटना :-  केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के छोटे भाई और बिहार के समस्तीपुर सीट से सांसद रामचंद्र पासवान का रविवार को निधन हो गया। दिल्ली स्थित राममनोहर लोहिया अस्पताल में दोपहर करीब डेढ़ बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वह चार बार सांसद चुने गए थे। दूसरी ओर, दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष मांगे राम गर्ग का भी सुबह निधन हो गया। वे 82 साल के थे। ब्रेन हैमरेज होने के बाद 15 जुलाई से निजी अस्पताल में भर्ती थे।
रामचंद्र पासवान को 12 जुलाई को दिल का दौरा पड़ने के बाद आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उनके स्वास्थ्य को देखते हुए वेंटिलेटर पर रखा था। रामविलास पासवान पूरे परिवार समेत भाई का हालचाल लेने पहुंचे थे।
1999 में पहली बार संसद पहुंचे थे रामचंद्र
रामचंद्र पासवान 1999 में पहली बार जदयू के टिकट पर संसद पहुंचे थे। 2004 में लोक जनशक्ति पार्टी के टिकट पर दूसरी बार चुनावी मैदान में उतरे और जदयू के दशाई चौधरी को पटखनी दी। 2009 में जदयू के महेश्वर चौधरी से चुनाव हार गए। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में मोदी लहर का फायदा रामचंद्र पासवान को भी मिला और वे राजद के अशोक कुमार को हराकर तीसरी बार संसद पहुंचे। हाल ही में संपन्न हुए 17वें लोकसभा चुनाव में रामविलास ने छोटे भाई को टिकट दिया और वे जीतकर चौथी बार दिल्ली पहुंचे।
भाजपा नेता मांगे राम गर्ग नहीं रहे
उधर, दिल्ली में अमित शाह, राजनाथ सिंह, लालकृष्ण आडवाणी समेत कई नेताओं ने मांगे राम गर्ग को श्रद्धांजलि दी। गर्ग 2003 से 2008 तक वजीरपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे थे। वह धर्म यात्रा महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी थे। उन्होंने अपना शरीर दधीचि देह दान संस्था को देने का संकल्प लिया था।

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