राहिल सिद्दीकी/भागलपुर
जनपथ न्यूज़ :-  तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर पुरुष छात्रावास संख्या 04 में आज शहीद जगदेव प्रसाद की जयंती मनाई गई। इस मौके पर वर्तमान परिदृश्य और शहीद जगदेव प्रसाद के विचार व विरासत पर चर्चा हुई।
मौके पर चर्चा की शुरुआत करते हुए शोध छात्र अमित यादव ने कहा कि शहीद जगदेव प्रसाद शोषितों और शासकों का विभाजन मिटाना चाहते थे, मानवीय समाज बनाना चाहते थे। इसके लिए वो ताउम्र समाज के शोषित वर्गों के बीच सामाजिक सांस्कृतिक चेतना जगाते रहें ।
सामाजिक न्याय आंदोलन बिहार के कोर कमेटी सदस्य रिंकू यादव ने कहा कि शहीद जगदेव प्रसाद ने 90% शोषितों की धन धरती वा राजपाट में 90% की हिस्सेदारी भागीदारी के संघर्ष में शहादत दी थी। आज के दौर में शोषितों व के बीच की खाई और चौड़ी हुई है हमें शहीद जगदेव कि विचारों के रोशनी में आगे बढ़ते हुए सामाजिक आर्थिक विषमता के खिलाफ संघर्ष तेज करना होगा।
सौरभ राणा ने कहा कि वर्तमान नरेंद्र मोदी सरकार शहीद जगदेव प्रसाद के सपनों के खिलाफ काम कर रही है सवर्णों को आरक्षण दे रही है दलितों आदिवासियों पिछड़ों का आरक्षण खत्म कर रही है। अंश देव निराला ने कहा कि शहीद जगदेव प्रसाद राज पाठ में 90 भाग शोषितों के 90% हिस्सेदारी के पक्ष में थे। नरेंद्र मोदी सरकार शासन सत्ता की संस्थाओं के सवर्णों के वर्चस्व की गारंटी का काम कर रही है।

राजेश रोशन ने कहा है कि विश्वविद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति में विभाग बार 13 पॉइंट रोस्टर के जरिए दलितों पिछड़ों का आरक्षण लगभग खत्म हो रहा है,आदिवासियों का आरक्षण तो पूर्णता खत्म हो जाता है। मतलब साफ है कि विश्वविद्यालय द्रोणाचार्य के हवाले रहेगा एकलव्य का अंगूठा कटता रहेगा।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए मिथिलेश विश्वास ने कहा कि शहीद जगदेव प्रसाद जाति के नेता नहीं थे 90% शोषितों के नेता थे ।उन्होंने किसी जाति विशेष के दायरे में कैद नहीं किया जा सकता है। इस मौके नंदकिशोर, ऋषि रजक, चंदन पासवान, सुंदन ,रूपेश ,राजीव, अभिषेक आनंद, रंजन यादव, विनय, युवराज, जितेंद्र ,पिंटू, सुमन, मनोज, रोहित ,धीरज, सोनम आदि ने भी अपनें विचार रखें।

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