जनपथ न्यूज़:-जदयू प्रवक्ता अजय आलोक, जिन्होंने दो दिन पूर्व ही प्रवक्ता के पद से त्यागपत्र दिया था, ने अपना ट्रैक बदल लिया है। पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की पिटाई एवं रोहिंग्या मुसलमानों के मुद्दे पर ट्वीट करने के बाद जदयू का दल अजय आलोक से खफा चल रहा था जिसके बाद उन्होंने प्रवक्ता पद से त्यागपत्र दे दिया। लेकिन अब केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता गिरिराज सिंह की ओर से अजय आलोक के किये गए इस ट्वीट को रीट्वीट किये जाने के बाद इस बात के संकेत मिलने लगे हैं कि अजय आलोक का कदम किस दिशा में आगे बढ़ रहा है।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अजय आलोक के उस ट्वीट को रीट्वीट करे दिया है जिसमें उन्होंने लिखा था कि “रोहिंग्या मुसलमानों के द्वारा एक डॉक्टर की पिटाई के बाद सारे दलों को क्यों सांप सूंघ गया है? एक डॉक्टर होने के नाते मैं डॉक्टरों की पिटाई का विरोध करता हूं।” गिरिराज सिंह ने अजय आलोक के ट्वीट को रीट्वीट करके अपना समर्थन दे दिया है। ऐसे में ये माना जा रहा है कि अजय आलोक पद से इस्तीफा देने के बाद जदयू पार्टी को अलविदा बोल सकते हैं।
तीन तलाक और धारा 370 पर जदयू के इस बदले तेवर को अजय आलोक का समर्थन नहीं है। अजय आलोक खुद ये साफ़ कर चुके हैं कि उनकी विचारधारा पार्टी के विचारधारा से अलग है। ऐसे में यदि वह एक राष्ट्रवादी छवि के साथ आगे कदम रख रहे हैं तो इससे जाहिर होता है उन्होंने नया राजनीतिक रास्ता पकड़ लिया है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, आने वाले समय में अजय आलोक जदयू का साथ छोड़कर भाजपा के साथ हो सकते हैं। अजय आलोक को आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा का दामन थामने का लाभ भी प्राप्त हो सकता है। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि नीतीश कुमार के नीतियों से अलग विचार ले चुके अजय आलोक के प्रति जदयू क्या तेवर अख्तियार करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.