सहरसा जिले में मिशन इंद्रधनुष के दूसरे चरण की शुरुआत, 12 से 14 वर्ष तक के बच्चों के कोविड- 19 टीकाकरण पर भी नजर…

न्यूज डेस्क/जनपथ न्यूज
Reported by: विकास कुमार, सहरसा
Edited by: राकेश कुमार
अप्रैल 6, 2022

सहरसा: सहरसा जिले में मिशन इंद्रधनुष के दूसरा चरण की शुरुआत हो चुकी है, 12 से 14 वर्ष तक के बच्चों का कोविड- 19 टीकाकरण भी जारी है। मिशन इंद्रधनुष के लक्ष्यों की शत् प्रतिशत उपलब्धि के लिए जहां स्वास्थ्य विभाग कटिबद्ध है, वहीं 12 से 14 वर्ष तक बच्चों के कोविड- 19 टीकाकरण के अनुमानित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए भी प्रयासरत है। मिशन इंद्रधनुष के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं सहयोगी संस्था के प्रतिनिधि लगातार घर-घर जाकर 2 वर्ष तक के बच्चों के नियमित टीकाकरण की स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। भ्रमण के दौरान कोविड- 19 टीकाकरण की स्थिति का भी जायजा लिया जा रहा है।

एक भी बच्चा नियमित टीकाकरण से वंचित न रहने पाये-
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डा. कुमार विवेकानंद ने बताया यह पर्यवेक्षण कार्य जिले के सभी प्रखंडों में किया जा रहा है। मिशन इंद्रधनुष की कार्ययोजना के अनुरूप अयोजित किये गये सत्र स्थलों पर लक्षित लाभार्थियों को उनका टीका लगा या नहीं यह सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है। सरकार द्वारा आरंभ किया गया टीकाकरण अभियान ऐसी कई बीमारियों की रोकथाम एवं उन्मूलन के लिए किया गया है। जिसमें बीमारियों के कारणों की कड़ी यानि चेन को तोड़ा जा सके। इसलिए टीकाकरण के परिणामों को हासिल करने के लिए जरूरी है कि एक भी बच्चा नियमित टीकाकरण से वंचित न रहने पाये। उन्होंने बताया इस पर्यवेक्षण कार्य में प्रखंडों के स्वास्थ्य प्रबंधक, सामुदायिक उत्प्रेरक, केयर इंडिया के प्रतिनिधि, यूनिसेफ के एसएमसी, फिल्ड मॉनिटर आदि द्वारा किया जा रहा है।

कोविड टीकाकरण पर भी रहती है पैनी नजर-
डा. कुमार विवेकानंद ने बताया जैसा कि हम सभी जान रहे हैं सरकार द्वारा 12 से 14 वर्ष तक के बच्चों को कोविड- 19 का टीका लगाने का अतिमहत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। जिले में 12 से 14 वर्ष तक के बच्चों का अनुमानित लक्ष्य 1 लाख 363 है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रयास किया जा रहे हैं। पर्यवेक्षण के दौरान इस बात का भी ख्याल रखा जा रहा है कि पोषक क्षेत्र में 12 से 14 वर्ष तक के बच्चों के कोविड- 19 टीकाकारण की क्या स्थिति है। ताकि आने वाले समय में उनको कोविड- 19 का टीका लगाया जा सके। वहीं 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को उनकी प्रीकॉशन डोज लगायी गयी है या नहीं इसके बारे में घर-घर जाकर किये जा रहे पर्यवेक्षण के दौरान पता लगाया जा रहा है।

गर्मी एवं आवागमन की असुविधा भी नहीं रोक पा रही स्वास्थ्य कर्मियों को-
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया टीकाकरण एवं पर्यवेक्षण कार्य में लगे स्वास्थ्य कर्मी एवं सहयोगी संस्था के प्रतिनिधिगण जिले में पड़ रही भीषण गर्मी में भी अपने दायित्वों के निर्वहन में लगे हुए हैं। वहीं दूर-दराज के इलाकों में नियमित टीकाकरण की पहुँच बनाये रखने में लगे हुए हैं। कई टीकाकरण सत्र स्थलों पर पहुँचना आसान नहीं होता है, लेकिन उनके द्वारा वहां पहुँच कर टीकाकरण दल द्वारा टीकाकरण एवं पर्यवेक्षकों द्वारा पर्यवेक्षण कार्य सम्पादित किया जाना सराहनीय है।

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