जनपथ न्यूज़ डेस्क
27 मार्च 2024

बिहार में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत फर्जी मामले दर्ज कराने वालों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने कहा कि अगर जांच के दौरान कोई मामला झूठा पाया जाता है, तो फर्जी शिकायतकर्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी. बिहार में बहला-फुसलाकर या गलत तरीके से SC-ST एक्ट में फर्जी केस कराने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. जांच के दौरान मामला गलत पाए जाने पर केस दर्ज किया जाएगा. पहले भी ऐसे लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है. डीजीपी विनय कुमार ने यह बात पुलिस मुख्यालय, सरदार पटेल भवन में आयोजित एक कार्यशाला के दौरान कही.

डीजीपी ने कहा कि राज्य में SC-ST अधिनियम के तहत मामलों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. पहले हर साल करीब 3,000 मामले दर्ज होते थे, लेकिन अब यह संख्या 7,000 तक पहुंच गई है. उन्होंने बताया कि पिछले 5-7 वर्षों में इन मामलों की संख्या दोगुनी हो गई है.

पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने अधिकारियों को निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और फर्जी मामलों की सख्ती से निगरानी करने के निर्देश दिए.

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