न्यूज डेस्क पटना
जनपथ न्यूज
Reported & Edited by: जितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना
23 दिसंबर 2022

चीन में कोरोना के कहर को देखते हुए और विश्व के कुछ देशों में COVID-Omicron XBB कोरोना वायरस के नए वेरिएंट मिलने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों को लिखित निर्देश दिया है कि वे सभी नए कोविड मामलों के नमूने जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे।

कुछ देशों में कोरोना के नए मामलों में वृद्धि को देखते हुए केन्द्र सरकार ने एयरपोर्ट पर यात्रियों की रैंडम सैंपलिंग शुरू कर दी गई है। चीन से भारत की सीधी उड़ानें नहीं रहने के कर्ण उड़ान प्रभावित अभी नहीं होगी।
COVID-Omicron BF-7 वेरिएंट अमेरिका, ब्रिटेन एवं फ्रांस जैसे देशों में पाया गया है और इसके लक्षण में बुखार, खांसी, खराश, थकान एवं डायरिया देखा गया है। भारत में बुजुर्गों और बीमारों को बूस्टर डोज लेने का अनुरोध किया गया है।

बिहार सरकार भी कोरोना वायरस के नए वेरिएंट मिलने के बाद सतर्क हो गई है और स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी अस्पतालों के लिए अलर्ट जारी करते हुए निर्देश दिया है कि बाहर से आने वाले मरीजों के पॉजिटिव पाए जाने पर जीनोम सिक्वेंसिंग कराई जाए। बिहार सरकार की इस निर्देश जारी होने के बाद पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में कोविड वार्ड बनाया दिया गया है। आई०जी०आई०एम०एस० में 15 बेड का कोविड वार्ड बनाया गया है, साथ ही जीनोमिक लैब में भी डॉक्टरों को अलर्ट कर दिया गया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की माने तो बाजारों, शॉपिंग मॉलों, वाणिज्यिक भवनों, सिनेमाघरों, उद्यान, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों, मैट्रो स्टेशनों, और हवाई अड्डों में कोविड नियमों के पालन हेतु दिशा निर्देश शीघ्र ही जारी होने की संभावना है।

होम्योपैथी चिकित्सा के विशेषज्ञों की मानें तो होम्योपैथी में कोविड प्रतिरोधक दवा उपलब्ध है। होम्योपैथिक
दवा आर्सेनिक एल्बम 1M एम की सिर्फ एक बूंद एक बार लेना ही काफी है। लेकिन कोई भी दवा चिकित्सक के सलाह से ही इस्तेमाल करना चाहिए।

कोरोना के नए संक्रमण रोग की पहचान के लिए पांच सूत्री रणनीति पर जोर दिया गया है, इसमें संक्रमण की जल्द पहचान, टीकाकरण, उपचार और कोविड-19 के अनुरूप व्यवहार सहित अन्य उपाय शामिल है। केंद्र सरकार ने राज्यों को हर तरह के सहयोग देने का भरोसा दिलाया है।

COVID-Omicron XBB कोरोना वायरस घातक होने के साथ ही इसे सही तरीके से पता लगाना आसान नहीं है, क्योंकि अभी तक इस वायरस से ग्रसित मरीजों में खांसी और बुखार नहीं देखा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार इस वायरस से ग्रसित लोगों के शरीर की जोड़ों में दर्द, सिर दर्द, गर्दन में दर्द कमर के ऊपरी हिस्से में दर्द, आमतौर पर भूख की कमी और निमोनिया का लक्षण देखा जा रहा है। COVID-Omicron XBB कोरोना वायरस अन्य कोरोना वायरस की तुलना में 5 गुना अधिक ताकतवर (विषैला) है और इस वायरस की मृत्यु दर भी अधिक है।

COVID-Omicron XBB कोरोना वायरस के मरीज में कभी-कभी कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देता है और यह वायरस बहुत कम समय में स्थिति को गंभीर बना देता है। इसलिए COVID-Omicron XBB कोरोना वायरस पहली लहर से भी अधिक खतरनाक है। विशेषज्ञों का कहना है कि सभी लोगों को बहुत ही सावधान रहना होगा और सावधानियां बरतनी होगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि COVID-Omicron XBB के निदान वाले कई रोगियों को ज्वरनाशक और दर्द रहित के रूप में वर्गीकृत किया गया था, लेकिन एक्स-रे में हल्का छाती में निमोनिया भी दिखा है। COVID-Omicron XBB के लिए नेजल स्वैब टेस्ट अक्सर नेगेटिव होते हैं और फॉल्स नेगेटिव नासॉफिरिन्जियल टेस्टों के मामले बढ़ रहे हैं। जबकि वायरस का यह तनाव नासॉफिरिन्जियल क्षेत्र में नहीं पाया जाता है और अपेक्षाकृत कम समय के लिए सीधे फेफड़ों को प्रभावित करता है। इसका अर्थ है कि वायरस ग्रुप में फैल सकता है और सीधे फेफड़ों को संक्रमित कर सकता है, जिससे वायरल निमोनिया हो सकता है, जो तीव्र श्वसन संकट का कारण बनता है।

COVID-Omicron XBB कोरोना वायरस से बचाव के लिए सभी को मास्क पहनने की सलाह दी जा रही है। सावधानी के लिए भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए। खुले स्थानों में भी 1.5 मीटर की दूरी बनाए रखना चाहिए। डबल-लेयर मास्क का ही इस्तेमाल करना चाहिए। मास्क अवश्य पहना चाहिए। अपने हाथों को बार-बार धोना चाहिए। चाहे भले ही कोई खांसने वाला या छींकने वाला से संपर्क न भी हुआ हो।

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