*यहां रातों-रात हो जाता है कमाल-धमाल*

जनपथ न्यूज डेस्क
Reported by: गौतम सुमन गर्जना, भागलपुर
Edited by: राकेश कुमार
20 अगस्त 2022

भागलपुर : बिहार में रातों-रात कमाल और धमाल होता रहा है, ऐसा कमाल कि कौन कब क्या बन जाए, पता ही नहीं चलता और जब जांच होती है, तब लोग हक्के-बक्के रह जाते हैं कि साहब तो फर्जी निकले। वैसे बिहार में इन दिनों बांका जिले में हुए फर्जी डीएसपी, दारोगा और सिपाहियों के साथ-साथ पुलिस स्टेशन का मामला चर्चा में है लेकिन ये कोई अनोखी बात नहीं है। बिहार में लगभग हर महीने किसी न किसी जिले से फर्जी वर्दीधारी की पकड़ की जाती रही है। ऐसे मामलों की लिस्ट बहुत लंबी है। लिस्ट में तो सच्चे इमानदार पुलिसकर्मी भी हैं, जिन्होंने रातों-रात अपने घरवालों को भी वर्दी पहना दी। चलिए पढ़ते हैं कुछ अनोखे और दिलचस्प मामले…

*मुंगेर से लेकर बेगूसराय तक इस फर्जी दारोगा ने मचाई उथल-पुथल*
इसी साल अप्रैल में मुंगेर से एक फर्जी दारोगा की गिरफ्तारी की गई। दारोगा जी पांच साल से बिहार पुलिस महकमे को चकमा दे रहे थे। फर्जी दरोगा जी की हनक ऐसी थी कि क्या सिपाही और क्या होमगार्ड, सब उसे सलाम ठोंकते रहे। उसके शातिराना दिमाग से हर कोई दंग हो उठा। फर्जी दारोगा का नाम राहुल कुमार है। पांच साल तक राहुल कुमार ने वर्दी पहन अपने गांव में कइयों को ठगा, पत्नी और पिता को गांव में चुनाव लड़वाया। इतना ही नहीं वो पुलिस ट्रेनिंग सेंटर भी जाया करता था।

*खगड़िया के थाने में पहुंचे टू स्टार वर्दी वाले दो फर्जी दारोगा, एसपी के उड़ गए होश*
बात इसी साल के जनवरी महीने की है, जब खगड़िया जिले में दो शख्स टू स्टार वर्दी से लैस होकर थाने पहुंच गए। एसपी अमितेश कुमार को आशंका हुई और चित्रगुप्तनगर थानाध्यक्ष संजीव कुमार को बुलाया गया और दोनों से थाना में पूछताछ हुई। दोनों ने कहा कि वे लोग पशु क्रूरता निवारण सोसायटी बिहार से दारोगा के पद पर बहाल हैं और आरा व सुपौल में ड्यूटी दे चुके हैं। दोनों कथित दारोगा का कहना था कि उन्हें सोसायटी के सचिव रत्नेश्वर प्रसाद सिंह ने योगदान करवाया है। सोसायटी के चेयरमैन एक एमएलसी हैं। जांच हुई तो दोनों पकड़े गए।

*फर्जी दारोगा विक्रम सहनी की कहानी*
फर्जी दारोगा विक्रम सहनी की कहानी तो और भी दिलचस्प है। महोदय ने पहले फर्जी नियुक्ति पत्र पर वर्दी पहन ली और इसके बाद वे औरों को भी वर्दी पहनाने लगे। पिछले साल नवंबर में विक्रम सहनी की गिरफ्तारी बिहार के खगड़िया जिले से हुई।

*झारखंड के बुजुर्ग दंपति से भागलपुर में लूट कर गया फर्जी दारोगा*
इसी साल मई महीने में भागलपुर में एक नकली दारोगा ने झारखंड के दुमका लक्खीकुंड निवासी दिलवर हुसैन को समाहरणालय-कचहरी रोड में रोक कर जबरन पांच हजार रुपये छीन लिए और फरार हो निकला। जोगसर थानाध्यक्ष अजय कुमार अजनवी को प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना की जानकारी दी तो चंद मिनटों में गश्ती दल मौके पर पहुंच गई और पीड़ित दिलवर हुसैन और उनकी पत्नी बीबी अंजू ने घटना की जानकारी दी। प्रत्यक्षदर्शियों में एक ने शातिर की तस्वीर मोबाइल से दिखाई तो पीड़ित ने उसकी पहचान उसी शातिर के रूप में कर ली है,जिसने खुद को दारोगा बता जबरन जेब में रखे पांच हजार रुपये छीन लिए थे।

*अंत में पढ़ें उस महिला अधिकारी के बारे में जिसने पति को बना दिया रातों-रात आईपीएस अधिकारी*
भागलपुर जिले की एसडीपीओ ने अपने पति को आइपीएस बना दिया। मामला जब तूल पकड़ा तो पीएमओ ने ही खुद जांच के आदेश दे दिए हैं। यह मामला कहलगांव एसडीपीओ रेशू कृष्णा का है। उन्होंने अपने पति को आइपीएस की वर्दी पहनाकर एक फोटो खिंचा और इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर दिया। इसके बाद तो अब उनके पैर के नीचे की जमीन ही खिसक गई है। पति को खाकी वर्दी में फोटो खिंचाकर सोशल मीडिया में पोस्ट करना एसडीपीओ कहलगांव रेशू कृष्णा को भारी पड़ गया।
इस मामले ने तूल तब पकडऩे लगा, जब किसी ने इसकी शिकायत कर दी कि एसडीपीओ के पति पुलिस में नहीं हैं फिर भी वर्दी में उनकी तस्वीर लगातार एसडीपीओ पोस्ट कर रही हैं और साथ में वह खुद भी हैं। मामला इतना हाइप्रोफाइल हो गया कि इसकी जांच पुलिस मुख्यालय को करनी पड़ी।

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