जनपथ न्यूज डेस्क
Reported by: गौतम सुमन गर्जना/भागलपुर
Edited by: राकेश कुमार
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20 दिसंबर 2022

2015 में जनमत के आधार पर राजद के साथ नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी महागठबंधन की सरकार को मॉल की मिट्टी पर घेरते-घेरते गिराने में कामयाब रहे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने इस बार जनमत को दरकिनार कर बनी महागठबंधन सरकार को गिराने के लिए हमला शुरू कर दिया है। पिछली बार मिट्टी ढुलाई पर तेजस्वी को कटघरे में रखते हुए नीतीश कुमार को असहज करने में सफल रहे सुशील मोदी ने इस बार शराब नेटवर्क में राजद समर्थकों के होने के आधार पर तेजस्वी को तो घेरा ही है, मुख्यमंत्री को भी कसकर लपेटा है। सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश पहले तो इन मौतों पर हंस रहे हैं और फिर यह भी कह रहे हैं कि शोक नहीं मनाऊंगा। इस अपराध के लिए बिहार की जनता माफ नहीं करेगी।

100 से ज्यादा सारण में मौतें, छिपाने को लाशें जलवा रही सरकार : सारण जिले के जहरीली शराब कांड के मृतक परिवारों से मिलकर लौटने के बाद राज्यसभा सांसद और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सारण में मृतकों की संख्या 100 पार कर चुकी है। यदि छपरा सदर अस्पताल और मशरक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर, नर्स, एम्बुलेंस, स्ट्रेचर और दवा की व्यवस्था रहती तो दर्जनों लोगों को बचाया जा सकता था। लेकिन, राज्य की नीतीश कुमार सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर था कि जल्दी से जल्दी लाशों को आग के हवाले कर सबूत मिटा दिए जाएं। यही कारण है कि बिहार सरकार अब भी बेशर्मी के साथ 23-26 मौतों का आंकड़ा बता रही है और मुख्यमंत्री उससे भी एक कदम आगे निकलकर मौतों पर हंसते हुए कह रहे हैं कि वह शोक नहीं बनाएंगे। सुमो ने सवाल उठाया कि जब गोपालगंज के खजूरबन्नी में मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि जहरीली शराब से मौत प्रमाणित हुई तो चार-चार लाख मुआवजा दिया जाएग और बिहार उत्पाद अधिनियम 2016 की धारा 42 के तहत यह दिया भी गया तो सारण के मृतकों के परिजनों को इससे महरूम क्यों किया जाएगा? उन्होंने कहा कि मरने वाले अत्यंग गरीब, दलित, अतिपिछड़ा परिवारों से थे और उनके शुभचिंतक कहलाने का शौक रखने वाले जीतन राम मांझी समेत तमाम वामपंथी पार्टियों को इसपर चुप देखकर शर्म आती है।

शराब व्यापार में राजद समर्थक, तेजस्वी सीएम बन अपने लोगों को रोकें : राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी एक बार फिर सत्ता में उनकी कुर्सी पर बैठे तेजस्वी यादव पर हमलावर नजर आए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जल्द से जल्द अपनी कुर्सी तेजस्वी यादव को सौंप देनी चाहिए। गांव-गांव में जिस तरह अवैध शराब का धंधा पहुंच चुका है, उसे रोकना इस सरकार के लिए संभव नहीं और चूंकि इस धंधे में राजद के समर्थक ज्यादा हैं इसलिए तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनें तो अपने लोगों को रोक पाना उनके लिए संभव होगा।

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