सात निश्चय के तहत हर घर बिजली देने का लक्ष्य 65 दिन पहले हुआ पूरा
जनपथ न्यूज़  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि एक समय था जब लोग बच्चों को अंधेरा होते ही भूत का नाम लेकर डराते थे. लोग कहते थे अंदर चलो बाहर भूत है. सीएम नीतीश ने कहा कि आज बिहार से भूत को भगा दिया. अब भूत से डरने की ज़रूरत नहीं है. गुरुवार को बिहार में हर घर बिजली योजना के पूरा होने पर सम्मान समारोह का मौका था. सम्मान समारोह में खचाखच भरे बापू सभागार में लोगों ने भूत भगाने की बात सुनकर खूब तालियां बजाई और हंसी के फव्वारे छूट गए.
हॉल में मौजूद लोगों में इस बात पर खूब चर्चा हुई. बिहार में नीतीश कुमार ने चुनाव के समय सात निश्चय के तहत हर घर बिजली को 31 दिसंबर 2018 तक बिजली देने का ऐलान किया था लेकिन इस लक्ष्य को 65 दिन पहले ही पूरा कर लिया गया. नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में आज हर घर में बिजली पहुंच गई है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब अगली चुनौती जर्जर बिजली के तार बदलने की है. इसे 31 दिसंबर 2019 तक बदल देने का एलान किया. नीतीश ने कहा कि बिहार में सबसे पहले हर घर बिजली पहुंचाने की शुरुआत की गई, जिसे भारत सरकार ने सौभाग्य योजना के रूप में अपनाया.
बिहार के 100 फीसदी घरों में बिजली पहुंच गई है. यह घोषणा बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को की.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि एक समय था जब लोग बच्चों को अंधेरा होते ही भूत का नाम लेकर डराते थे. लोग कहते थे अंदर चलो बाहर भूत है. सीएम नीतीश ने कहा कि आज बिहार से भूत को भगा दिया. अब भूत से डरने की ज़रूरत नहीं है. गुरुवार को बिहार में हर घर बिजली योजना के पूरा होने पर सम्मान समारोह का मौका था. सम्मान समारोह में खचाखच भरे बापू सभागार में लोगों ने भूत भगाने की बात सुनकर खूब तालियां बजाई और हंसी के फव्वारे छूट गए.
हॉल में मौजूद लोगों में इस बात पर खूब चर्चा हुई. बिहार में नीतीश कुमार ने चुनाव के समय सात निश्चय के तहत हर घर बिजली को 31 दिसंबर 2018 तक बिजली देने का ऐलान किया था लेकिन इस लक्ष्य को 65 दिन पहले ही पूरा कर लिया गया. नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में आज हर घर में बिजली पहुंच गई है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब अगली चुनौती जर्जर बिजली के तार बदलने की है. इसे 31 दिसंबर 2019 तक बदल देने का एलान किया. नीतीश ने कहा कि बिहार में सबसे पहले हर घर बिजली पहुंचाने की शुरुआत की गई, जिसे भारत सरकार ने सौभाग्य योजना के रूप में अपनाया.
समय सीमा से दो महीने पांच दिन पहले ही हर घर बिजली पहुंचाने के बाद नीतीश कुमार ने अगले साल के अंत तक कृषि फ़ीडर और जर्जर बिजली के तारों को बदलने का लक्ष्य रखा. हालांकि वो डेड्लायन की घोषणा नहीं कर रहे थे लेकिन राज्य के ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव ने भाषण के बीच में उन्हें कहा कि जो भी समय सीमा वह तय करना चाहे यहीं कर दें काम हो जाएगा.
नीतीश का कहना था कि हर घर बिजली पहुंचने से ख़ुश हैं, लेकिन जर्जर तार से अगर लोगों की मौत होती है तो इससे बहुत तकलीफ़ होती है. बिहार में जब नीतीश कुमार सता में 2005 में आए थे उस समय पूरे राज्य में बिजली की खपत 700 मेगावाट थी जो अब बढ़कर 5000 मेगावाट से अधिक हो गई है.
निश्चित रूप से बिजली के क्षेत्र में अपने वादे पूरे करने के बाद वह फूले नहीं समा रहे हैं. उनकी ख़ुशी का एक और कारण है कि उनकी हर घर बिजली कार्यक्रम को केंद्र सरकार ने भी सोभाग्य योजना का नाम देकर अंगीकार किया. जिसके बाद नीतीश को लगता है कि वो चाहे केंद्र की भाजपा सरकार हो या कोई अन्य इस मामले में श्रेय लेने की होड़ में कोई शामिल नहीं

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