स्कूल के प्रिंसिपल बोले- छिपकली नहीं बैंगन का डंठल था,ऑफिसर ने उन्हें किया सस्पेंड

जनपथ न्यूज डेस्क
Reported by: गौतम सुमन गर्जना
Edited by: राकेश कुमार
www.janpathnews.com
12 नवंबर 2022

भागलपुर : बिहार के भागलपुर जिले के एक स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद 200 बच्चे बीमार हो गए। बच्चों ने खाने में जब छिपकली होने की शिकायत की तो टीचर ने पहले उन्हें डांटकर कहा- छिपकली नहीं बैंगन है और जब बच्चों ने खाने से मना किया तो टीचर ने पीट-पीटकर उन्हें खाना खिलाया।

पहला निवाला खाते ही बच्चों को दिखी छिपकली : यह मामला नवगछिया प्रखंड में मदत्तपुर गांव के मध्य विद्यालय का है। इसे लेकर क्लास 6 की छात्रा शिवानी कुमारी ने बताया कि गुरुवार को मिड-डे-मील परोसा गया था.तब आयुष नाम के एक छात्र की थाली से छिपकली मिली थी। वह जोर से चिल्लाया तो सभी बच्चे खाना छोड़कर खड़े हो गए थे। इसकी जानकारी टीचर चितरंजन को मिली तो वह वहां पर पहुंचे और थाली देखकर कहने लगे कि छिपकली नहीं बैंगन है। टीचर ने थाली से छिपकली निकाल दी और बोले- चुपचाप खाना है तो खाओ नहीं तो घर जाकर खाओ।

खाना खाते ही उल्टियां होने लगीं: इसके बाद भी जब बच्चे नहीं खा रहे थे, तो उन्होंने पीट-पीटकर खाना खिलाया। इसके बाद सभी को उल्टियां होने लगीं। करीब 200 बच्चे बीमार हो गए। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद धीरे-धीरे छात्र-छात्राओं के परिजन स्कूल पहुंचने लगे। सभी बच्चों को नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल सभी बच्चे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। बच्चों के बीमार होने की खबर मिलते ही परिजन खुद उन बच्चों को अस्पताल गए। इलाज के बाद अब सब खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।

विवाद बढ़ा तो खाना फेंका : जैसे ही बच्चों को उल्टियां होनीं शुरू हुईं तो स्कूल में मौजूद स्टाफ के हाथ-पैर फूल गए। बच्चों को इलाज के लिए ले जाने की जगह स्टाफ ने आनन-फानन में पहले खाना फेंक दिया। खाना स्कूल के पास ही फेंका गया। ग्रामीण संजय कुमार के साथ प्रखंड विकास पदाधिकारी गोपाल कृष्ण जांच के लिए मौके स्थल पर पहुंचे। उन्होंने खाना फेंके जाने वाली जगह का मुआयना किया तो उन्हें वहां पर मरी हुई छिपकली भी मिली।

प्रिंसिपल ने भी कहा- छिपकली नहीं, बैंगन का डंठल था : स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा कि खाने में छिपकली नहीं थी। मेन्यू में चावल, दाल, आलू-बैंगन की सब्जी थी। खाने में बैंगन का डंठल मिला था, छिपकली नहीं थी। घटना की सूचना पर नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी समेत कई अधिकारी पहुंचे। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विजय कुमार झा ने बताया कि बच्चों के बीमार होने की जानकारी मिली है। किस कारण से बच्चे बीमार पड़े, इसकी जांच होगी। इसके बाद जो जवाबदेह होगा, उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रिंसिपल सस्पेंड, रसोइया बर्खास्त और शिक्षकों का हुआ तबादला : इस घटना के बाद ग्रामीणों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ ग्रामीण कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। इधर, ग्रामीणों की मांग पर नवगछिया प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विजय कुमार झा ने जहां रसोइए को बर्खास्त और प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, स्कूल के सभी शिक्षकों का तबादला दूसरे स्कूल में किया जा रहा है।

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