जनपथ न्यूज
Reported by: विकास कुमार
Edited by: राकेश कुमार
सहरसा: रात के 8 बजे जिस घर पर बेटी की शादी के लिए बारात पहुंचने वाली थी, वही दोपहर के 3 बजे आंगन में लगे चापाकल पर बिजली के करंट लगने से मां की दर्दनाक मौत हो गई और आंगन में गूंज रही परिजनों की किलकारी चीख-पुकार में तब्दील हो गई। ऐसे में परिजनो द्वारा शादी के लिए सजाए जा रहे मडवा के कार्य को रोक दिया गया और कुछ देर पूर्व लाउडस्पीकर पर शादी के बज रहे गीत बंद हो गए। बारात की स्वागत के लिए लगाए जा रहें टेंट और सजाए जा रहें घर का कार्य रुक गया। जबकि बारात-सरात में शामिल होने वाले सैकड़ों लोगों के भोजन को तैयार कर रहे हलवाई ने भी भोजन बनाना बंद कर दिया। एकाएक बंद घड़ी की सुई की तरह शादी की सभी कार्य रुक गए।


घटना की सूचना जिसने भी सुना। वे दौड़ कर पहुंचे। जहां हाथों में लगी मेहंदी और लाल जोड़े में सजी सोनी बिलख-बिलख कर रो रही थी। वही उसके बदहवास पिता प्रभास यादव कभी पत्नी के शव को तो कभी लाल जोड़ी पहने रोती बेटी को देख छाती पिट रहे थे। जिस बेटी की हाथों पर प्यार से मां ने मेहंदी लगाई उसकी रंग फीका पड़ गई थी।
घर का हर दृश्य काफी दर्दनांक था। रोते-रोते पिता के आंखों की आंसू सूख गया था। घर में मच रही मातम और चीख-पुकार से गांव में मातम पसर गया था। जो पहुंच रहे थे वे ईश्वर से कह रहे थे – हे ईश्वर , ये तूने क्या किया .? कम से कम आज इसकी मौत तो नहीं होने देते। कुछ घंटे की जिंदगी दे देते। दामाद का मुंह को तो देख लेने देते।
जिले के सौर बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत बसनही थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 3 निवासी प्रभास यादव की 45 वर्षीय पत्नी रीता देवी की मौत उनके ही घर में चापाकल के निकट बिजली तार से चिपक कर हो गई। आज ही उनके घर के सबसे बड़ी लाडली बेटी 21 वर्षीय सोनी कुमारी की शादी होनी तय थी। जहां रात के 8 बजे जिले के सौर बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर कबेला गांव निवासी हरि बल्लभ यादव के पुत्र अनुपम प्रकाश दूल्हा बनकर पहुंचने वाले थे।
जहां वर पक्ष के घर पर भी सभी रश्म पूरा हो गया था। वही लड़की के घर पर भी घी-ढाड़ी का रश्म , लावा भुझने का रस्म , थाली-पीरही का रस्म और मटकोर का प्रमुख रश्म पूरा हो गया था।
बारात में शामिल होने वाले वर पक्ष के सभी परिजन दूर-दूर से उनके घर पहुंच गए थे। वही वधू पक्ष के भी परिजन शादी में शामिल होने के लिए दूर-दूर से उनके घर पर पहुंच गए थे। जहां 4 दिन पूर्व से ही टेंट लगाने का कार्य भी चल रहा था। वही 2 दिन पूर्व से दही और मिठाई बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई थी। जबकि गुरुवार की सुबह से ही बारात और सरात में शामिल होने वाले लोगों के लिए नाश्ता और भोजन की भी तैयारी शुरू कर दी गई थी। जो दोपहर 3 बजे लगभग पूर्ण हो गई थी। जिसके बाद अचानक यह हादसा हुआ।
मृत रीता के पीड़ित पति ने फूट फूट कर बताया कि उन्हें चार बच्चे हैं जिसमें सबसे बड़ी सोनी 21 वर्ष की थी। उससे छोटी पूजा 12 साल की और 15 साल का पुत्र नेहाल और 9 साल का पुत्र विशाल हैं।
बता दे कि प्रभास यादव एक
किसान हैं। उनकी पत्नी का सपना था कि उनका दामाद नौकरी पेशा हो। ऐसे में 8 लाख रुपए का उपहार देकर बी-एड पास अनुपम प्रकाश से बेटी की शादी तय की। पत्नी की इच्छा थी कि बेटी की शादी धूमधाम से हो। जिंदगी भर की कमाई खर्च करने के बाद भी पत्नी का सपना अधूरा रह गया।
बता दें कि दर्दनाक घटना के बाद ग्रामीणों एवं परिजनों ने सोनी की शादी करने से इनकार कर दिया। दोनों गांव में शादी को लेकर की गई सभी तैयारी धरी की धरी रह गई क्योंकि सगी मां की मौत हुई थी। जिसके कारण शादी को रोकना आवश्यक हो गया था। अब मातम खत्म होने के बाद फिर से सोनी के हाथों में मेहंदी लगाने की बात कही जा रही है। लेकिन उस समय न तो मां होगी और न ही मां की ममता भरी छांव होगी।

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