जनपथ न्यूज डेस्क
Reported by: गौतम सुमन गर्जना
Edited by: राकेश कुमार
15 फरवरी 2023

भागलपुर : पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए जवान के गांव की तस्वीर अब तक नहीं बदली है। मंत्री-नेता की घोषणों के बाद भी गांव के हालात जस की तस है। विदित हो कि 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सन्हौला प्रखंड की मदारगंज पंचायत के रतनपुर गांव के रतन ठाकुर शहीद हाे गए थे। इसके बाद 15 फरवरी, 2020 काे पुण्यतिथि मनाई गई। इस दाैरान पूर्व विधायक स्वर्गीय सदानंद सिंह ने शहीद रतन ठाकुर के नाम पुस्तकालय बनवाने की घाेषणा की थी। भवन के नाम पर केवल छत की ढलाई हाे सकी है।
देखने से ऐसा लगता है कि अब उस ओर किसी का ध्यान नहीं है। न प्लास्टर किया गया। न दीवार है और ही गेट लग सका है। ग्रामीण फुटेश पासवान ने बताया कि गांव के विकास के लिए घाेषणा ताे कई की गई, लेकिन अब कुछ नहीं हुआ। विपिन ठाकुर ने भी गांव की उपेक्षा पर निराशा जाहिर की। शहीद रतन ठाकुर के दादा विश्वनाथ ठाकुर बताते हैं कि न तो रतन के नाम से कॉलेज बना, न पंचायत सरकार भवन, न नाला और न ही स्वास्थ्य केंद्र बन सका है। पहले से बना स्वास्थ्य उपकेंद्र भी बदहाल है। वहां अक्सर ताला लटका रहता है।

सरपंच रंजीत यादव ने बताया कि तत्कालीन मंत्री सम्राट चाैधरी 15 फरवरी, 2021 काे कार्यक्रम में शरीक हुए थे, उस दाैरान उन्हाेंने शहीद के नाम पर पंचायत सरकार भवन और स्वास्थ्य केंद्र बनाने की घोषणा की थी। शहीद के पिता राम निरंजन सिंह ने बताया कि मंगलवार काे शहीद की रतनपुर में पुण्यतिथि मनाई जाएगी। इसके लिए तैयारी पूरी कर ली है। जनप्रतिनिधियाें व प्रशासनिक पदाधिकारियाें काे भी आमंत्रित किया है। डीएम कार्यालय का चक्कर लगाकर थक गए हैं। शहीद के परिवार को घर देने की बात कही गई थी। अब तक नहीं मिला और न ही 5 एकड़ जमीन ही मिल सकी। अब प्रशासन कह रहा है कि इसका काेई प्रावधान नहीं है।

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