*सत्ता पक्ष के तेवर के आगे भाजपा विधायक टिक नहीं पाए,सीबीआई,ईडी और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को तेजस्वी ने बताया भाजपा का जमाई*

जनपथ न्यूज डेस्क/पटना
Reported by: गौतम सुमन गर्जना, भागलपुर
Edited by: राकेश कुमार
24 अगस्त 2022

भागलपुर/पटनाः बिहार विधानसभा में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी बेबस दिख रही थी। सत्ता पक्ष आक्रामक था,उसके आगे भाजपा विधायकों की एक नहीं चल रही थी। सदन में सरकार को घेरने में भाजपा की रणनीति पूरी तरह से फेल होती दिखी। इस दौरान सत्ता पक्ष की धार को रोकने में भाजपा के विधायक नाकामयाब रहे। सरकार के विश्वासमत पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक अपने आपको नेतृत्वविहीन पा रहे थे। सदन के अंदर कहीं कोई सामंजस्य नहीं दिख रहा था। हालांकि भाजपा नेतृत्व ने नीतीश कुमार के विश्वासमत हासिल करने के बाद विरोधी दल के नेता का चयन कर लिया है। इस संबंध में स्पीकर को पत्र भेजा गया है।

*बेबस दिखी भाजपा*
बिहार विधानसभा में अब भाजपा विपक्ष की भूमिका में आ गई है। नीतीश सरकार ने बुधवार को अपना विश्वास मत हासिल कर लिया। 160 विधायकों के समर्थन से महागठबंधन सरकार ने सदन में अपना बहुमत हासिल किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब अपना विश्वास मत पेश किया, तब इसके बाद उस पर चर्चा शुरू हुई। विपक्ष की तरफ से पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने चर्चा की शुरूआत की। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने भाजपा के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। तेजस्वी ने तो यहां तक कह दिया कि भाजपा के लोग अपने जमाई को आगे कर दिये हैं और खुद पीछे हो गये हैं। तेजस्वी यादव ने सीबीआई,ईडी और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को भाजपा का जमाई कह दिया। जमाई कहने के बाद भाजपा नेताओं ने आपत्ति जताई, लेकिन वे मजबूती के साथ विरोध नहीं कर सके। इसके बाद फिर से तेजस्वी यादव ने जमाई कहा। इस पर भाजपा के कुछ विधायक सदन में खड़े हो गये, कई विधायकों ने गहरी आपत्ति जताते हुए सभी विधायकों से खड़े होकर विरोध करने को कहा। लेकिन पूर्व डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद जोरदार तरीके से विरोध करना जरूरी नहीं समझा। इसके बाद पूर्व मंत्री रामप्रीत पासवान ने तारकिशोर प्रसाद से खड़े होकर विरोध दर्ज करने को कहा। जब वे तैयार नहीं हुए तो रामप्रीत पासवान ने आपत्ति दर्ज की। नंदकिशोर यादव भी नेतृत्व के नहीं होने से खिन्न दिख रहे थे। भाजपा कोटे के कई अन्य विधायक भी अपने आप को सदन में असहज महसूस कर रहे थे। सत्ता पक्ष की तरफ से लगातार भाजपा पर प्रहार किया जा रहा था लेकिन भाजपा उसका माकूल जबाव नहीं दे पा रही थी।

*नेतृत्व विहीन थी भाजपा* हालांकि भाजपा की तरफ से हरिभूषण ठाकुर बचौल, नितिन नवीन, प्रमोद कुमार, जनक सिंह समेत कुछ अन्य विधायक सत्ता पक्ष को जवाब दे रहे थे। भाजपा विधायक बचौल ने तो सीधे सीएम नीतीश को चुनौती दे दी। वहीं, नितिन नवीन ने भी मुख्यमंत्री को घेरा। लेकिन, जिस आक्रामक अंदाज में भाजपा को होना चाहिए था, वो नहीं दिखी। भाजपा के कई विधायकों ने अपरोक्ष रूप से कहा कि हमलोग पूरी तरह से नेतृत्वविहीन थे।

बहरहाल, भारतीय जनता पार्टी ने बिहार विधानमंडल के दोनों में सदन में नेता प्रतिपक्ष के नाम का ऐलान कर दिया है। विजय कुमार सिन्हा भाजपा बिहार विधानमंडल के नेता चुने गये हैं। इसकी जानकारी बिहार भाजपा अध्यक्ष ने दी है। वहीं, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में विजय सिन्हा और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के लिए सम्राट चौधरी का नाम दिया गया है।

5 Views