दादा कवि,पिता शिक्षाविद,चाचा बीजेपी के कद्दावर नेता व समाजसेवी के कुल में एक पुत्र बलात्कारी

जनपथ न्यूज डेस्क
Reported by: गौतम सुमन गर्जना
Edited by: राकेश कुमार
24 नवंबर 2022

भागलपुर : भागलपुर शहर में यूं तो मारवाड़ी समाज के पुत्रों की कारस्तानी आए दिन देखने और सुनने को मिलते रहे हैं। कभी कोई शराब पीकर पकड़ाता है, तो कोई शराब लेकर धराता है तो कोई योनाचार का आरोपित बनता जा रहा है तो वहीं कोई माफिया का खिताब लेकर जमीन, चाईना कोरिया और हत्या जैसे संगीन अपराधों में सुर्खियां बंटोरता है। ऐसे इस समाज के इतिहास को देखेंगे तो इससे भी बड़े कारनामों को देखने और‌ सुनने को मिलेंगे। जिसे देख व सुनकर आप खुद लज्जित हो जाएंगे। इस समाज के दिवंगत पूर्वज भी इन्हें देख शर्मिंदगी महसूस कर रहे होंगे। इन्हीं के पूर्वजोंं ने एक से बढ़कर एक अविस्मरणीय और ऐसे कई बेहतरीन कार्य कर रखे हैं, जो कभी प्रेरणा के स्रोत बने हुए थे, लेकिन उनके बच्चों ने उसे कलंकित करके रख दिया। खुद को उस प्रेरणा स्रोत दिवंगत व्यक्तित्व का चिराग बताते हुए ऐसे कुछ लोग खुद को ब्राह्मण कहते हैं, लेकिन जरा इनकी सीरत को देखिए कि इन्हीं के बच्चे अंग -बंग की संस्कृति को तार-तार कर बंगाल की एक ब्राह्मण बच्ची को ही अपनी हवस की भूख की खातिर बलात्कार का शिकार बना डाला और उनकी सामुहिक अस्मत लूट ली।

उक्त बातें बिहारी अस्मिता मंच के अध्यक्ष दिनेश सिंह उर्फ बब्लू ने सभ्य और असभ्य समाज विषय‌ पर चर्चा करते हुए सबसे पहले बंगाल में हुए एक ब्राह्मण समाज की बेटी के साथ हुए सामुहिक रेप कांड पर क्षोभ प्रकट किया और कहा कि ऐसे समाज का सामाजिक बहिष्कार जरुरी है क्योंकि ऐसे धन-बल और छल वाले समाज के बिगड़ैल बच्चे किसी के भी घर की बहू-बेटी को अपनी हवस का शिकार बना सकते हैं।

उन्होंने आक्रोश प्रकट करते हुए कहा कि भागलपुर जिले के नव धनाढ्य प्लॉटर, बिल्डर व अकूत धन-संपत्ति वाले घराने के बिगड़ैल बच्चे बंगाल के कोलकाता में बलात्कार के मामले में गिरफ्तार हुए और जेल भेजे गए हैं, जिसमें मुख्य आरोपी योगेश मिश्रा के दिवंगत दादा भागलपुर के बड़े कवि कहलाते थे, उसके दिवंगत पिता शिक्षाविद थे। वहीं, उनके एक चाचा समाजसेवी तो दुसरे चाचा भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश चंद्र मिश्रा हैं।
गौरतलब है कि नरेश चंद्र मिश्रा 15 वर्षों से मारवाड़ी ब्राह्मण मंडल के अध्यक्ष हैं व इनका घराना बिल्डर के रूप में शहर में काम करता रहा है। बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार योगेश मिश्रा इनके छोटे भाई दिवंगत प्रोफेसर गिरीश मिश्रा जी का इकलौता बेटा है। योगेश मिश्रा शहर के कुंजलाल गली लेन निवासी एक बिल्डर रमण साह और अजंता रोड निवासी विनोद ढांढनिया का बड़ा व्यापारिक पार्टनर भी है। बिगड़ैल योगेश मिश्रा भागलपुर शहर के युवा हैं, जिसे कोलकाता पुलिस ने बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसके साथ ही उनके साथ अन्य तीन मारवाड़ी व व्यापारिक घराने के तीन अन्य युवाओं को भी जेल भेजा गया है। नरेश चंद्र मिश्रा भाजपा के कद्दावर नेता सैय्यद शाहनवाज हुसैन के खासम खास माने जाते रहे हैं और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सहित वर्तमान में भी कार्यसमिति सदस्य हैं। इसके साथ ही उनका सारा परिवार राजनीतिक दलों से जुड़ा हुआ है। योगेश मिश्रा पर लगातार इस तरह के कई केस 3 वर्षों में हो चुका है।

विदित हो कि इस युवा बिल्डर पर लगभग एक वर्ष पूर्व इनके ही एक बिल्डिंग महादेव सिनेमा के निकट अपार्टमेंट में मिरजानहाट स्थित अलीगंज निवासी मिथलेश झा ने एक दुकान खरीदकर अपनी दुकानदारी करते आ रहे हैं, उनकी पत्नी ने भी कोतवाली थाना भागलपुर में योगेश मिश्रा, विनोद ढांढनिया एवं उनके पुत्र सहित इनके बॉडीगार्ड पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक एफआईआर दर्ज कराई थी। उक्त केस में अभी यह लोग गिरफ्तार नहीं हुए थे और वे जमानत पर ही चल रहे हैं, परंतु घर से मिले कुसंस्कार युवा योगेश का मन मान नहीं रहा और पर्दे के पीछे इस तरह का घिनौने काम को धन और बल की खनक के बलबूते बेखौफ होकर अंजाम देते आ रहे हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के हवाले बिहारी अस्मिता मंच के अध्यक्ष दिनेश सिंह कहते हैं कि इस युवा योगेश को बर्बाद व तबाह करने वाले उनके उक्त पार्टनर रमण साह व बिनोद ढांढनिया ही इस तरह की कूटनीति कर उनके युवा मन को लगातार भटकाते हुए उसे अपराधी बनाने पर तुल गए हैं। इसके लिए उन्होंने पहले इस एकजूट परिवार को भी तोड़कर उसे बिखेड़ने का काम कर चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे कुकृत्यों पर मारवाड़ी समाज के वैसे लोग आखिर चूप क्यों हैं, जो कोरोना काल के दौरान शराब पीकर उत्पात मचाने और पुलिस गिरफ्त में एक व्यक्ति को बिहारी समाज की एक सभ्य महिला नेत्री द्वारा एगो मारवाड़ी शब्द कहने पर उस महिला के प्रति गोलबंदी दिखाकर उनकी फजीहत की थी..? क्या महिला की फजीहत करने और युवती की इज्जत लूटने का ठेका केवल इसी मारवाड़ी समाज ने ले रखी है ?
दिनेश सिंह ने भागलपुर प्रशासन पर भी सवाल खड़ा करते हुए पुछा कि उक्त युवा योगेश और अन्य लोगों की कुकुत्यों पर हुए भागलपुर के कोतवाली थाना कांड संख्यां पर आखिर गिरफ्तारी की कार्रवाई क्यों नहीं हुई ?

मारवाड़ी व्यवसाई समाज में ऐसी गिरती स्थितियों पर जब हमने शहर के वरिष्ठ समाजसेवियों से बात की गई तो उन्होंने अपना नाम नहीं छापने की शर्तों पर कहा कि जैसी करनी वैसी भरनी। लोगों ने कहा कि कानून व प्रशासन अपने स्तर से सख्त से सख्त काम करे और समाज में छिपे ऐसे सफेदपोश भेड़िए को फांसी की सजा दें। लोगों ने दबे जुवान से बताया कि इस बिगड़ैल युवा योगेश के चाचाश्री नरेश चंद्र मिश्रा भी हत्या के आरोप में जेल की सजा काट चुके है। मारवाड़ी व्यवसायियों समेत कई तरह के सामाजिक धार्मिक संगठनों के लोगों और कार्यकर्ताओं ने ऐसे कुकृत्यों की निंदा की है।

बहरहाल, इस तरह के वारदात ने एक बार फिर अंग-बंग की संस्कृति कलंकित हुई है, जहां अंग के एक बिगड़ैल छोरे ने बंग की बेटी की अस्मत लूट ली,जिसपर अंग प्रदेश का हृदय स्थल भागलपुर शर्मशार है। वहीं,वैसे सफेदपोश प्रतिष्ठित व्यक्ति भी इस मामले में बेनकाब हुए हैं, जिनकी परवरिश में ऐसे मनचले और बिगड़ैल युवक पलते-बढ़ते हैं।

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