पटना पुलिस द्वारा वर्ष-2024 एवं वर्ष-2025 (नवंबर तक) में दर्ज प्रमुख अपराध शीर्षों का तुलनात्मक विश्लेषण

पटना पुलिस द्वारा वर्ष-2024 एवं वर्ष-2025 (नवंबर तक) में दर्ज प्रमुख अपराध शीर्षों का तुलनात्मक विश्लेषण: कार्तिकेय कुमार शर्मा (वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना)
पटना: पटना जिले में विधि-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से पटना पुलिस द्वारा निरंतर सघन वाहन चेकिंग, विशेष छापेमारी, तकनीकी निगरानी एवं इंटेलिजेंस-आधारित पुलिसिंग की जा रही है। इसके सकारात्मक परिणामस्वरूप वर्ष-2024 की तुलना में वर्ष-2025 (नवंबर तक) में जिले के अधिकांश प्रमुख अपराध शीर्षों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
आंकड़ों के अनुसार हत्या के मामलों में लगभग 34.8%, डकैती में 52.9%, लूट में 45.4%, रंगदारी में 53.6%, गृहभेदन में 28.7%, सामान्य चोरी में करीब 22.7%, वाहन चोरी में 14.1%, सामान्य दंगा में 62.5% तथा बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों में लगभग 53.3% की कमी दर्ज की गई है।
साम्प्रदायिक दंगों की घटनाओं में भी कमी आई है। कुल संज्ञेय अपराधों में वर्ष-2024 की तुलना में वर्ष-2025 में लगभग 8.3% की गिरावट दर्ज की गई है।
वर्ष-2025 के नवंबर माह तक गंभीर अपराधों में संलिप्त 9964 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई है। इस दौरान अवैध हथियारों एवं गोला-बारूद की बड़ी मात्रा में बरामदगी भी हुई है, जिसमें देशी कट्टा, पिस्टल, राइफल, रिवॉल्वर, दोनाली बंदूक, एके-47, कारतूस, खोखा, मिस-फायर कारतूस तथा अवैध हथियार निर्माण से जुड़े मामलों का उद्भेदन शामिल है। साथ ही 05 अवैध लघु हथियार कारखानों का भी पर्दाफाश किया गया है।
पटना पुलिस द्वारा संगठित एवं जघन्य अपराधों में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध निरंतर कठोर कार्रवाई करते हुए त्वरित गिरफ्तारी, वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का संकलन तथा गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान सुनिश्चित किया जा रहा है। लोक अभियोजकों एवं न्यायालय से समन्वय स्थापित कर सशक्त अभियोजन के परिणामस्वरूप वर्ष-2025 में अब तक 6176 अभियुक्तों को माननीय न्यायालय द्वारा सजा दिलाई जा चुकी है।
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