पीएम नरेंद्र मोदी से इंदिरा गांधी तक ने इन्हें ओढ़ा है, सालाना 86 करोड़ का है व्यापार*

जनपथ न्यूज डेस्क
Reported by: गौतम सुमन गर्जना, भागलपुर
Edited by: राकेश कुमार

13 अक्टूबर 2022

भागलपुर : जिले में निर्मित भागलपुरी चादरों को गर्मी के मौसम का राजा कहा जाता है.यहां के बुनकर इसे एयर कुल भी कहते हैं। देश का कोई भी छोटा या बड़ा नेता नहीं, जिन्होंने भागलपुरी चादर का इस्तेमाल नहीं किया हो। नवंबर में कांग्रेस के ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में भी ये चादर जाएंगी। यहां के बुनकरों की मानें तो देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से लेकर मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस चादर का इस्तेमाल कर इनकी प्रशंसा की है। पीएम नरेंद्र मोदी जब आखिरी बार 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भागलपुर पहुंचे थे, तो उन्हें बीच मंच पर भागलपुरी चादर भेंट की गई थी और तब उन्होंने इस चादर की बड़ी सराहना की थी।
भागलपुरी चादरों की विशेषता को जानने के लिए जनपथ न्यूज डॉट कॉम की टीम बुधवार को बुनकरों के बीच पहुंची। आखिर क्यों प्रसिद्ध है यहां की चादर, क्या खासियत है इस चादर की, जानने के लिए पढ़िए जनपथ न्यूज की ग्राउंड रिपोर्ट…
भागलपुर जिले के नाथनगर स्थित चंपानगर इलाकों में 5 हजार से ज्यादा लूम लगे हुए हैं। उसमें से करीब 1 हजार लूम ऐसे हैं जिसमें केवल सिल्क के चादर बनाए जाते हैं। इन इलाकों से गुजरने पर लूम चलने की खटर-खटर की आवाजें ही सुनाई देती हैं। इन आवाजों के कारण ही पूरे देश में सिल्क की चादर लोगों तक पहुंचती है। इन आवाजों ने ही पिछले कई दशकों से हजारों मजदूरों को रोजगार दे रखा है।

भागलपुर की मिट्टी में जादू ऐसा कि ऐसा चादर देश में कहीं और नहीं : इस बावत बुनकर प्रतिनिधि जियाउर रहमान कहते हैं कि भागलपुरी चादर जैसा चादर पूरे देश में कहीं नहीं बनता। कई और जगहों के कारीगरों ने इनकी कॉपी करना चाहा, लेकिन वे यहां के कारीगरों जैसा चादर नहीं बना पाए। जियाउर्रहमान कहते हैं कि ये ऊपर वाले ने भागलपुर को वरदान दे रखा है, या यूं कहें कि यहां की मिट्टी का जादू है कि ऐसा चादर कहीं और नहीं बनता।

भागलपुरी चादर की क्या है खासियत : जियाउर रहमान ने बताया कि भागलपुरी चादर की विशेषता ही उसे खास बनाती है। उन्होंने कहा कि गर्मियों में लोगों के लिए ये चादर खूब कारगर साबित होता है। उन्होंने बताया कि गर्मी में इस चादर को ओढ़ने पर ठंडक महसूस होती है, जिसकी वजह से ये चादर गर्मियों का राजा कहलाता है। उन्होंने बताया कि इस चादर की एक और खासियत यह है कि ये चादर कभी पुरानी नहीं होती है। इस चादर की जितनी धुलाई की जाए, उतनी चमकदार बनती है। उन्होंने बताया कि इस चादर की ज्यादा कीमत भी नहीं होती। 300 रूपए से लेकर 500 रुपए तक में यह आसानी से उपलब्ध हो जाती है।

यूपी के में कानपुर है भागलपुरी चादर का सबसे बड़ा बाजार : बुनकरों के अनुसार भागलपुरी चादर का सबसे बड़ा बाजार यूपी के कानपुर में है। यहां से चादर भारी मात्रा में कानपुर जाता हैं। फिर वहां से देश के सारे कोनों के व्यापारी यह चादर खरीद कर अलग-अलग जगहों पर ले जाकर इसे बेचते हैं। बुनकरों ने बताया कि भागलपुरी चादर का मुख्य रंग तो गोल्डन होता है, लेकिन डिमांड के अनुसार इसे अलग-अलग रंगों में भी तैयार किया जाता है।

सालाना 86 करोड़ का व्यापार : वैसे तो भागलपुर में सिल्क का सालाना व्यापार अरबों में होता है, जिसमें भागलपुरी चादर का अकेले का व्यापार करीब 86 करोड़ का सालाना है। जियाउर्रहमान कहते हैं कि भागलपुर में औसतन हर दिन 8 हजार चादर तैयार होते हैं, जो सारे के सारे एक्सपोर्ट हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि यहां हर दिन करीब 24 लाख का चादर एक्सपोर्ट होता है। इस हिसाब से सालाना 86 करोड़ का व्यापार होता है।

चादर का राजनीतिक कनेक्शन : सिल्क चादर का राजनीतिक कनेक्शन भी खूब रहा है। जियाउर्रहमान कहते हैं कि जब भी किसी राजनीतिक पार्टी का कोई बड़ा कार्यक्रम या सम्मेलन होता है, तो भागलपुरी चादर की उसमें अहम भूमिका होती है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में अतिथियों को सम्मानित करने के लिए सैकड़ों की संख्या में चादर की डिमांड होती है। उन्होंने बताया कि यहां पार्टी के जिलाध्यक्ष के माध्यम से चादर उनके पार्टी के आलाकमान तक पहुंचता है।

पिछले एक साल में 50% तक बढ़े दाम : जियाउर्रहमान कहते हैं कि ये चादर और सस्ती होती, लेकिन पिछले एक साल में इसके धागे के दामों में 50% तक की बढोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि जो धागा पहले 200 रुपए किलो पर मिलते थे अब उनके दाम करीब 300 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। इसकी वजह से चादर के दामों को भी बढ़ाना पड़ा है।

बिजली में 50% की मिलती है छूट : बुनकरों को लूम चलाने के लिए सरकार की ओर से 50% तक बिजली में छूट मिलती है। आमतौर पर लोगों को 6 रुपए प्रति यूनिट बिजली मिलती है, वहीं बुनकरों को लूम चलाने के लिए 3 रुपए प्रति यूनिट बिजली बिल देना होता है।

कांग्रेस के भारत जोड़ो यात्रा में भी जाएगी चादर : अभी कांग्रेस नेता राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा पर हैं। इस यात्रा में भी भागलपुरी चादर जाएंगी। कांग्रेस विधायक दल के नेता सह भागलपुर के विधायक अजीत शर्मा व बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष सह एआईसीसी सदस्य प्रवीण सिंह कुशवाहा ने बताया कि नवंबर महीने में यहां की चादर उस यात्रा में जाएगी। उन्होंने बताया कि जब यह यात्रा इंदौर पहुंचेगी तो राहुल गांधी जी के निर्देशानुसार जरूरी संख्या में भागलपुरी चादर इस यात्रा में जाएगी।

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