जनपथ न्यूज डेस्क

Reported by: गौतम सुमन गर्जना, भागलपुर
Edited by: राकेश कुमार
13 सितंबर 2022

भागलपुर : बिहार के भागलपुर जिले में पीरपैंती कोयला खान के ऊपर की मिट्टी भी सोना है। दरअसल, यहां पर उच्च कोटि का वर्ल्ड क्लास टाइल्स क्ले मिला है, जिससे उच्च गुणवत्ता वाला टाइल्स बनेगा। इसको लेकर खान एवं भूतत्व विभाग व्यापक कार्ययोजना तैयार कर रहा है। वहां टाइल्स इंडस्ट्री लगाने की योजना है। इंडस्ट्री लगाने के लिए खान एवं भूतत्व विभाग उद्योग विभाग के संपर्क में है। उसके सहयोग से वहां टाइल्स यूनिट लगाई जाएगी।

वहीं, अगर किसी कारण से वहां उद्योग विभाग की मदद से ऐसी इंडस्ट्री स्थापित नहीं हो सकी, तो खान एवं भूतत्व विभाग स्वयं इसकी पहल कर ऐसी परिस्थिति में खनिज निगम अपने स्तर से यूनिट स्थापित करेगा। विभाग इस पर काम कर रहा है कि कैसे इस खास मिट्टी का बेहतर प्रयोग किया जाए। कितनी मात्रा में टाइल्स बन सकता है और कैसे बन सकता है, यह सब देखा जा रहा है। यहां उद्योग स्थापित होने से राज्य सरकार के खजाने में भारी भरकम राशि तो आएगी ही साथ ही बड़ी संख्या में इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलेंगे।
इसके अतिरिक्त टाइल्स के लिए बाहर के राज्यों पर निर्भरता भी घटेगी। इस टाइल्स क्ले से जो टाइल्स बनेगा, उसकी गुणवत्ता काफी उच्च कोटि की होगी, लिहाजा उसे अन्य राज्यों को भी भेजा जा सकता है। वहीं, उत्पादन बढ़ने पर उसका निर्यात विदेशों तक हो सकेगा। विदित हो कि भागलपुर के पीरपैंती में कोयला का भंडार है। वहां का कोयला ग्रेड-12 कोटि का है और इसका कई तरह से इस्तेमाल हो सकता है। वहां जमीन के भीतर 230 मिलियन टन कोयले का भंडार है, किन्तु वह 90 मीटर के बेस में है।

खान विकसित होने के बाद प्रत्येक वर्ष 60 मिलियन टन कोयले का खनन किया जाएगा। इनके नजदीक मिर्जापुर में भी 200-300 मिलियन टन कोयले का भंडार मिला है। वहां खनन के लिए अलग से कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

गौरतलब हो कि पीरपैंती में जहां जमीन के नीचे कोयला का भंडार है और उसके ऊपर मिट्टी की मोटी परत है। इसकी जांच में यह पता चला कि वह मिट्टी उच्च कोटि का टाइल्स क्ले है और यह मिट्टी काफी उपयोगी है। यहां इसका फैलाव 85 वर्ग किमी में है और इसके दायरे में 86 गांव आते है।

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