गौतम सुमन गर्जना

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भागलपुर : रेलवे स्टेशन पर चार ऐसे चाेर दरवाजे हैं, जिनसे लाेग स्टेशन से बाहर निकलते हैं। ये लाेग पटरियाें से हाेकर उन दरवाजाें तक पहुंचते हैं, इससे उनकी जान काे खतरा है। कई बार यात्री शार्ट-कट के लिए भी इन रास्ताें का उपयाेग करते दिख जाते हैं। इन पटरियों पर चलने से वे ट्रेन की चपेट में आ सकते हैं। ये दरवाजे स्टेशन की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न बने हुए हैं। इन रास्ताें से कभी भी असामाजिक तत्व स्टेशन पर प्रवेश कर सकते हैं। दुखद और अफसोस इस बात की है कि इन्हें राेकने के लिए कहीं भी रेल पुलिस नहीं दिखती है।

बेटिकट यात्री भी स्टेशन परिसर से बाहर निकलने के लिए इन रास्ताें का ही उपयाेग करते हैं। वे पकड़े जाने के डर से मुख्य द्वार की ओर नहीं जाते हैं और इससे रेलवे के राजस्व काे भी नुकसान हाे रहा है।
*ये हैं नुकसान*
1. जान जाने का खतरा
2. सुरक्षा काे खतरा
3. राजस्व काे नुकसान
4. अपराध का बढ़ावा

*ये हैं स्टेशन के चाेर दरवाजे*
1. स्टेशन के पूर्वी केबिन की तरफ ट्रैक को पार कर रेलवे कॉलोनी व माेजाहिदपुर की ओर
2. यार्ड की तरफ उल्टा पुल के नीचे से हाेकर लाेहापट्टी ओर कोयला डिपो बस स्टैंड ओर
3. पश्चिमी केबिन की ओर तातारपुर की तरफ, यहां टूटी दीवार हाेकर सड़क की ओर
4. प्लेटफार्म चार के पास स्लीपर की बनी चहारदीवारी हाेकर माैलानाचक की ओर।

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