जनपथ न्यूज डेस्क/पटना

3 अगस्त 2022

पटना: बिहार के उपमुख्यमंत्री-सह- वित्त मंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि कर-संग्रहण में बिहार के व्यवसायी और उद्योग जगत का महत्वपूर्ण योगदान है। उद्योग के क्षेत्र में राज्य में बेहतर कार्य हुए हैं, जिससे एम.एस.एम.ई. में बिहार दूसरा स्थान प्राप्त करते हुए पुरस्कृत हुआ है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना की बिहार में अच्छी प्रगति रही है।

उपमुख्यमंत्री ने एक समाचार पत्र में राज्य में जीएसटी संग्रहण में गिरावट से संबंधित प्रकाशित खबर के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि पी.आई.बी. द्वारा राज्यों के जीएसटी संग्रहण के जो आँकड़े जारी किये गये हैं, उनमें एस.जी.एस.टी. कैश एवं सी.जी.एस.टी. कैश के अलावा सिर्फ आई.जी.एस.टी. कैश एवं सेस भुगतान के आँकड़े शामिल हैं एवं इस आधार पर राज्य के कर संग्रहण में (-)1 प्रतिशत का निगेटिव ग्रोथ दर्शाया गया है।

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य का वास्तविक संग्रहण एस.जी.एस.टी. कैश एवं बिहार के व्यवसाय एवं उद्योग जगत द्वारा दूसरे राज्यों में माल की खरीद पर चुकाया गया कर, जो आई.जी.एस.टी. सेटलमेंट के माध्यम से प्राप्त होता है, यही वास्तविक जीएसटी संग्रहण है, परन्तु पी.आई.बी. द्वारा जारी किये गये आँकड़ों में राज्य को आई.जी.एस.टी. सेटलमेंट के माध्यम से प्राप्त कर की राशि नहीं दर्शायी जाती, जो राज्य के जीएसटी संग्रहण का 65 प्रतिशत हिस्सा है। यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि सी.जी.एस.टी. कैश, आई.जी.एस.टी. कैश एवं सेस की राशि राज्य सरकार के राजस्व संग्रहण में शामिल नहीं होती है, बल्कि यह केन्द्र अथवा दूसरे राज्यों को चली जाती है।उन्होंने बताया कि माह जुलाई, 2022 में राज्य का जीएसटी संग्रहण एस.जी.एस.टी. कैश मद में 584 करोड़ एवं आई.जी.एस.टी. सेटलमेंट मद में 1347 करोड़ इस प्रकार कुल 1931 करोड़ है, जो झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ एवं उत्तराखंड जैसे राज्यों से अधिक है। यही नहीं एस.जी.एस.टी. कैश एवं आई.जी.एस.टी. सेटलमेंट मद में बिहार द्वारा चालू वित्तीय वर्ष में माह जुलाई तक 34 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गयी है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जीएसटी के अंतर्गत करदाताओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जो राज्य में व्यवसायिक गतिविधियों में बढ़ोत्तरी का द्योतक है। इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा सर्विस सेक्टर में किये गये प्रयासों से भी राजस्व के अतिरिक्त सृजन में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि बिहार औद्योगिक निवेश के बेहतर डेस्टिनेशन के रूप में तेजी से उभर रहा है। कर संग्रहण में राज्य के व्यवसाय एवं उद्योग जगत के सहयोग से चालू वित्तीय वर्ष में भी वाणिज्य-कर विभाग अपने निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने में सफल होेगा।

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