जनपथ न्यूज डेस्क

Reported by: गौतम सुमन गर्जना, भागलपुर
17 सितंबर 2022

भागलपुर : आखिर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को बेगूसराय गोली कांड के अपराधियों को बचाने की इतनी बेचैनी क्यों है? जिन लोगों ने गोली चलाई, उन लोगों ने अपना चेहरा नहीं छुपाया। चेहरा खुला रखकर उन्होंने उस दुःसाहस पूर्ण घटना को अंजाम दिया। लगभग चालीस मिनट तक उस व्यस्त सड़क पर लोगों को गोली मारते अपराधी घूमते रहे। एक गरीब आदमी की हत्या तक हो गई। बाक़ी लोग घायल हुए। इस तरह का साहस कोई साधारण अपराधी नहीं कर सकता है। इसलिए जिनके इशारे पर उस घटना को अंजाम दिया गया है, वे अति बेचैन नज़र आ रहे हैं और लोगों का ध्यान भटकाने के लिए इस घटना को आतंकवादी घटना बताया जा रहा है। दुनिया में कहीं भी आतंकवादियों ने इस तरह की किसी भी घटना को अंजाम नहीं दिया है।

बेगूसराय के कांड के अभियुक्तों के चेहरे की कई तस्वीर अलग- अलग कैमरे में आई है। अख़बारो ने भी उनकी तस्वीरों को छापा है। जिनको संदेह है कि सरकार असली अपराधी को छुपा रही है। वे गिरफ़्तार अपराधियों के चेहरे का मिलान कर सत्यता की जाँच कर ले सकते हैं।

मैं तो सरकार से अनुरोध करूँगा कि अपने विरोधियों के स्वास्थ्य की भी उसे चिंता करनी चाहिए। अब तो राँची भेजने का झंझट भी ख़त्म हो गया है। हर तरह के मानसिक रोग की जाँच पड़ताल की आधुनिक सुविधाओं से लैस मानसिक आरोग्य शाला कोइलवर में ही खुल गया है। इसलिए जो लोग बेगूसराय इलाक़े की अपराधिक घटना को आतंकवादी घटना बता रहे हैं, उन्हें तत्काल कोईलवर अस्पताल भर्ती कराकर उपचार कराया जाए।

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