*ईओयू ने पटना के ‘नटवरलाल’ को कर लिया अरेस्ट,आईपीएस अफसर भी लपेटे में,भागलपुर में भी हुआ था मुकदमा*

जनपथ न्यूज डेस्क
Reported by: गौतम सुमन गर्जना
Edited by: राकेश कुमार
17 अक्टूबर 2022

भागलपुर/पटना : बिहार का एक बड़ा नटवरलाल गिरफ्तार हुआ है। यह नटवरलाल पटना हाईकोर्ट का सीनियर जज बनकर बिहार के डीजीपी को फोन करता था। वह तत्कालीन एसएसपी को बचाने के लिए जज के नाम पर डीजीपी पर दबाव बना रहा था। इसे लेकर आर्थिक अपराध इकाई को उच्च स्तरीय जांच का आदेश मिला था। इसके बाद ईओयू ने 24 घंटे में ही पूरे मामले से पर्दा उठा दिया और नटवरवाल अभिषेक अग्रवाल को तीन साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह डीजीपी को एक आईपीएस ऑफिसर को बचाने के लिए जज बनकर फोन किया करता था।

विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार नटवर लाल के पास से नौ सीम कार्ड के साथ दर्जनों मोबाईल फोन मिले हैं। मोबाइल की जब फॉरेंसिक जांच की गई तो उनपर लगे आरोप प्रमाणित हो गये। पुलिसिया सख्ती से पूछताछ में भी आरोपी अभिषेक अग्रवाल ने कबूल कर लिया है कि हां वो तत्कालीन एसएसपी को बचाने के लिए डीजीपी को फोन किया था। जांच के दौरान यह बात सामने आया है कि वह पहले भी जेल जा चुका है। गृह मंत्री का पीएस बनकर ऑफिसरों को फोन किया करता था। इस आरोप में पुलिस ने 2018 में गिरफ्तार कर उसे तिहाड़ जेल की हवा खिलाई थी। इसके पहले 2014 में उसने बिहार के एक पुलिस अधीक्षक को भी ब्लैकमेल किया था और उनके पिता से मोटी रकम की वसूली की थी। जालसाज अभिषेक अग्रवाल पर भागलपुर में भी मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके अलावे एक अन्य आईपीएस ऑफिसर से भी 2 लाख की ठगी की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जांच के क्रम में यह बात सामने आया है कि यह फ्रॉड हाईकोर्ट के एक सीनियर जज के साथ तस्वीर खिंचवाकर व्हाट्सएप डिपी में लगाये रहता था। इसके साथ ही फेसबुक पर बड़े नेता, ऑफिसरों के साथ तस्वीरें लगाया करता था।
गौरतलब है कि जिस आईपीएस ऑफिसर को बचाने के लिए यह नटवरलाल फोन करता था, उसे क्लीनचिट मिल चुकी है। उस आईपीएस ऑफिसर के खिलाफ शराब के एक मामले में थाने में केस दर्ज हुआ था। लेकिन हाल ही में आरोपी आईपीएस ऑफिसर को उस केस में क्लीनचिट दे दिया गया है। आर्थिक अपराध इकाई ने आरोपी के खिलाफ, धोखाधड़ी, फर्जी नाम से फोन करने व साईबर केस में जेल भेजा है। इसके साथ ही पूछताछ में जो बातें निकल कर सामने आई है, उस आधार पर उस आईपीएस ऑफिसर के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।

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