जनपथ न्यूज़ :-  बेगूसराय:- 14 फरवरी से आज तक जम्मू कश्मीर में बिहार के तीसरे बेटे ने देश की रक्षा के लिए शहादत दी है। आतंकियों से लोहा लेते हुए बेगूसराय ज़िले के जाबांज बेटे ने पराक्रम का परिचय देते हुए आतंकियों को खदेड़ दिया। लेकिन बुजदिल आतंकियों ने उनपर पीछे से वार कर दिया। शहीद पिंटू कुमार सिंह की शहादत से एक तरफ जहां परिवार के लोग गमजदा है। वही पूरा गांव इस शहादत पर फक्र कर रहा है। वहीं स्थानीय प्रशासन को सुबह 8:00 बजे तक भनक तक नहीं है l
जम्मू कश्मीर में CRPF का सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। इस बीच शुक्रवार की शाम करीब 7 बजे उत्तरी कश्मीर के बाबूगुंड हंदवाड़ा में CRPF और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में 5 जवान शहीद हो गई। शहीद होने वालों में बेगूसराय ज़िले के बखरी प्रखंड के राटन पंचायत अंतर्गत बगरस ध्यानचक्की गांव निवासी स्व0 चक्रधर प्रसाद सिंह के सबसे छोटे बेटे पिंटू कुमार सिंह भी शामिल हैं।
CRPF में इंस्पेक्टर पिंटू कुमार सिंह की शहादत की खबर शुक्रवार की शाम ही फेसबुक पर गांव वालों ने देख ली थी। लेकिन कंट्रोल रूम से इसकी कन्फर्मेशन नहीं मिल रही थी। जब परिजनों ने कंट्रोल रूम को फोन किया तो पता चला कि 5 जवान शहीद हुए हैं, लेकिन अबतक उनकी सूची सामने नहीं आई है। बेचैन परिवार बीतते समय के साथ परेशान था। तभी रात 2:00 बजे कंट्रोल रूम ने बताया कि आपके बेटे पिंटू कुमार सिंह ने आतंकियों से लड़ते हुए देश के लिए अपनी जान
जम्मू कश्मीर में CRPF का सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। इस बीच शुक्रवार की शाम करीब 7 बजे उत्तरी कश्मीर के बाबूगुंड हंदवाड़ा में CRPF और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में 5 जवान शहीद हो गई। शहीद होने वालों में के राटन पंचायत अंतर्गत बगरस ध्यानचक्की गांव निवासी स्व0 चक्रधर प्रसाद सिंह के सबसे छोटे बेटे पिंटू कुमार सिंह भी शामिल हैं।
CRPF में इंस्पेक्टर पिंटू कुमार सिंह की शहादत की खबर शुक्रवार की शाम ही फेसबुक पर गांव वालों ने देख ली थी। लेकिन कंट्रोल रूम से इसकी कन्फर्मेशन नहीं मिल रही थी। जब परिजनों ने कंट्रोल रूम को फोन किया तो पता चला कि 5 जवान शहीद हुए हैं, लेकिन अबतक उनकी सूची सामने नहीं आई है। बेचैन परिवार बीतते समय के साथ परेशान था। तभी रात 2:00 बजे कंट्रोल रूम ने बताया कि आपके बेटे पिंटू कुमार सिंह ने आतंकियों से लड़ते हुए देश के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी है। पिंटू की शहादत की खबर मिलते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया। एक तरफ जहां लोग गांव के लाल पिंटू की शहादत से गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं सुबह 8:00 बजे तक स्थानीय पुलिस प्रशासन का कोई अधिकारी घर पर नहीं पहुंचे तो लोगों ने पुलिस प्रशासन एस सी एवं डीआईजी से बात की और आधिकारिक सूचना प्राप्त करने की कोशिश की और स्थानीय पुलिस प्रशासन को नहीं पहुंचने पर नाराजगी व्यक्त की
साथ ही गांव वालों और परिजनों का आंसुओं का सैलाब भी फूट पड़ा है।
शहीद पिंटू कुमार सिंह की पत्नी मायके में है। उनका मायका मुजफ्फरपुर ज़िले में है। अबतक पत्नी को यह मालूम नहीं है कि उनके जाबांज पति ने देश के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया है। परिजनों ने बताया कि पार्थिव शरीर आने पर पत्नी को यहां लाया जाएगा। पिंटू की शादी 2011 में हुई थी। उनकी एक 5 साल की बेटी अनुजा भी है।
गांव के जांबाज बेटे की शहादत पर पूरा गांव भले ही गमगीन है, लेकिन मन में पाकिस्तान को लेकर बेहद गुस्सा भी है। शहादत की खबर सुनने के बाद शनिवार को ग्रामीणों ने तिरंगा जुलूस निकाला। जुलूस में सैकड़ों ग्रामीण शामिल थे। हर तरफ पिंटू अमर रहे के नारे लग रहे थे तो वहीं पाकिस्तान मुर्दाबाद की गूंज भी सुनाई पड़ रही थी। ग्रामीणों ने एक सुर में कहा कि पाकिस्तान से बदला लो और हमें और कुछ नहीं चाहिए।

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