गौतम सुमन गर्जना भागलपुर नेपाल की तराई में लगातार हो रही बारिश से कोसी का जलस्तर काफी बढ़ गया है । नतीजतन तटबंध के बीच बसे तमाम गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। उधर, खगडिय़ा में गंगा के जलस्तर में भी लगातार वृद्धि जारी है। दियारा क्षेत्र में बाढ़ का पानी फैल रहा है। पानी के तेजी से फैलने से अब तक  सैकड़ों एकड़ फसलें डूब चुकी हैं।
गंगा उफान पर, सैकड़ों एकड़ में लगी फसलें डूबी
खगडिय़ा में गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। दियारा क्षेत्र में उसकी बाढ़ का पानी फैल रहा है। पानी के तेजी से फैलने से अब तक  सैकड़ों एकड़ फसलें बाढ़ में डूब चुकी हैं। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर अबतक फसल की क्षति का कोई आकलन नहीं किया गया है। गोगरी बीएओ के अनुसार अभी गंगा की धारा व उपधारा के आस-पास के खेत ही बाढ़ से डूबे हैं। अभी सर्वे नहीं किया गया है।
उधर किसानों के अनुसार  शुक्रवार को गोगरी दियारा क्षेत्र में गंगा का जल स्तर डेढ़ फीट बढ़ा है। गोगरी पंचायत में इमादपुर ङ्क्षबदटोली व लतामबाड़ी के पास गंगा उफान पर है। उस गांव के तीन दिशाओं में पानी फैल चुका है। वहां के खेत-खलिहान पानी में डूब चुके हैं। अधिकांश खेतों में मक्के की फसल लगी है।
वहीं प्राथमिक विद्यालय इमादपुर लतामबाड़ी के पास तक गंगा का पानी पहुंच चुका है। वहां पर गंगा का कटाव भी दिख रहा है। अगर कटाव तेज हुआ, तो विद्यालय गंगा में विलीन हो सकता है। पास के बौरना, भदलय आदि गांव के निचले इलाके में भी पानी प्रवेश करने लगा है। ये गांव जीएन तटबंध के अंदर बसे हुए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार गंगा जिस तरह उफान पर  है, इससे लगता है कि क्षेत्र के लोगों को बाढ़ की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीण  मो. तसोवर के अनुसार गंगा के पानी से 50 एकड़ से अधिक भूमि में लगी परवल व अन्य सब्जियों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। जबकि मक्के की फसल को सर्वाधिक नुकसान हुआ है।  कटघरा, भुडिय़ा, आश्रम टोला आदि जगहों में भी फसलें बर्बाद हुई हैं।

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