जनपथ न्यूज़ :-  लोकसभा चुनाव के तारीखों के एलान के बाद पूरे देश में आचार संहिता लागू हो गई है. आचार संहिता को लेकर तरह-तरह के नियम बनाए गये है. इसी को लेकर बिहार में इनकम टैक्स और प्रशासन की तरफ से कई नियम लागू किए गए है.
पूरे देश आचार संहिता लागू होने के साथ ही दस हजार से अधिक कैश (नकद) लेकर चलने वालों पर प्रशासन की नजर रहेगी. पटना डीएम कुमार रवि और एसएसपी गरिमा मलिक ने साफ कहा है कि 50 हजार से अधिक कैश लेकर चलने वाले व्यक्ति उससे संबंधित कागजात साथ रखें. पकड़े जाने पर उनसे पुलिस पूछताछ करेगी. अगर कैश दस लाख से अधिक होगा, तो उनको इनकम टैक्स क्लियरेंस के बाद छोड़ा जाएगा.
सभी परिस्थितियों में अगर मामला राजनीतिक होता है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी. आदर्श आचार संहिता की जानकारी देने को लेकर बुलाये गये प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि शादी के समय में कोई आम लोगों को परेशानी नहीं हो इसके भी विशेष प्रयास रहेंगे. मौके पर जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी आर निलय भी मौजूद रहे.
70 लाख रुपए तक खर्च की अनुमति
डीएम कुमार रवि ने बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान एक उम्मीदवार को अधिकतम 70 लाख रुपए तक खर्च करने की अनुमति होगी. राजनीतिक दलों के रैली, जनसभा, जुलूस व अन्य कार्यक्रमों की मॉनिटरिंग के लिए प्रत्येक विधानसभा में तीन सेक्टर टीम का गठन किया गया है, जो खर्च से लेकर आदर्श आचार संहिता के अनुपालन पर नजर रखेगी.

डीएम ने बताया कि प्रशासन पार्टियों के रजिस्टर, प्रचार वाहन से लेकर प्रचार के तरीके पर नजर रखेगा. वहीं, सुबह छह बजे से लेकर रात दस बजे तक ही माइक बजाने की अनुमति रहेगी. कोई भी सभा या कार्यक्रम का आयोजन एसडीओ की अनुमति से ही आयोजित किया जायेगा.
1950 पर लें जानकारी
डीएम ने बताया कि जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से टॉल फ्री नंबर 1950 जारी कर दिया गया है. इस पर कोई भी मतदाता फोन कर अपनी शिकायत व सूचना ले सकता है. जिला प्रशासन की ओर से नामांकन के शुरुआत तक मतदाता सूची में नाम जोड़ा जा सकेगा. बशर्ते अगर कोई नामांकन की तिथि से दस दिन पूर्व में आवेदन दिया गया हो.
वहीं, जानकारी दी गयी कि इस बार सभी मतदाताओं को फोटो सहित पहचान पत्र जारी कर दिया गया है. इस बार मतदाता सूची भी फोटो वाली रहेगी. स्लिप के साथ आयोग से मान्य 11 तरह में से एक पहचान पत्र के साथ मतदान की सुविधा रहेगी. आयोग के पोर्टल व एप पर भी मतदाता सूची संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है.
व्हाट्सएप ग्रुप में रहेंगे प्रशासन के अधिकारी
मैदानी प्रचार के अलावा निर्वाचन कार्यालय की नजर इलेक्ट्रानिक मीडिया, सोशल मीडिया पर भी रहेगी. डीएम ने बताया कि इसके लिए एमसीएम कमेटी का गठन किया गया है. इन माध्यमों पर कोई भी प्रचार बगैर पूर्वानुमति के नहीं किया जाएगा. इसके अलावा व्हाट्सएप ग्रुप पर भी नजर रखी जाएगी. न्यूज व्हाट्सएप ग्रुप में प्रशासन के अधिकारी भी बतौर मेंबर रहेंगे.

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