स्थापना दिवस से दूरी बनाने के बाद तेजस्वी यादव RJD के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पहुंचे

Breaking News ताजा खबरें राजनीति राज्य

जनपथ न्यूज़:- तेजस्वी फिलहाल मान गए हैं. पार्टी की स्थापना दिवस से दूरी बनाने के बाद आज वह राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बेठक में शामिल हुए. लोक सभा में करारी शिकस्त के बाद से ही वह विधान सभा से दूरी बनाए हुए हैं. स्थापना दिवस पर तेजस्वी को पार्टी के बड़े नेताओं ने जमकर लताड़ा और आगे पार्टी के हर कार्यक्रम में आने के लिए कहा. तेजस्वी यादव को लालू के पुराने चाणक्य शिवानंद तिवारी और रघुवंश सिंह ने फटकार लगाई तो वह आज आरजेडी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे.

आरजेडी के स्थापना दिवस कार्यक्रम में शिवानंद तिवारी ने लालू के इतिहास के बारे में बताया. उन्होंने कहा, ” गाड़ी आगे बढ़ रही है और जब गाड़ी आगे नही बढ़ेगी तो उसपर सवारी कौन करेगा. इसलिए हमें अच्छी तरह याद है कि जब मंडल कमीशन लागू हुआ तब पूरे देश में आंदोलन शुरू हुआ. कितने लोगों ने आत्मदाह किया, हमे आंकड़े ठीक से याद नहीं. फिर भी 59 से 60 लोगों ने मंडल कमीशन के खिलाफ आत्मदाह किया. उसके बाद ही लालू प्रसाद यादव ने मंडल कमीशन की शुरुआत की. हम लगातार सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़े.

 शिवानंद तिवारी ने आगे कहा, ” हमने इस चुनाव में लगातार बताया कि संविधान खतरे में है, आरक्षण खतरे में है उसके बावजूद वोट दूसरे पाले में चला गया. अब हमारे सामने गंभीर सवाल ये है कि क्यों वोट उस तरफ चला गया. देश को आजाद हुए 71 से 72 वर्ष हो गए और आज भी गरीब के बच्चे मर रहे हैं, इसका क्या मतलब है.”

शिवानंद तिवारी ने आगे लोहिया का मिसाल पेश किया. उन्होंने कहा, ” लोहिया ने आरक्षण को पकड़ा, देश का विकास ऐसा होता है कि 73% विकास का लाभ सिर्फ 1%के लोगो के पास जाता है और ये इनकी विकास नीति है. आज इसलिए मुकेश अंबानी 8 हजार करोड़ के मकान में रहते हैं, जो विश्व का दूसरा सबसे अधिक कीमत वाला मकान है. इस देश को धर्म निरपेक्ष बनाने में लालू प्रसाद यादव का बड़ी भूमिका है. उन्होंने आडवाणी के रथ यात्रा को रोक उन्हें गिरफ्तार किया था. उस समय देश में ही नही पूरे दुनिया में लालू यादव के नाम का डंका बजा था. दुनिया के हर कोने से आए मुसलमान का कहना था क्या काम किया है लालू यादव ने.”

शिवानंद तिवारी ने कहा, ”अखबार में आया था कि मोदी का एक मात्र विकल्प लालू हैं. खासकर पुलवामा के बाद एयर स्ट्राइक से देश का मूड बदला, सभी देश को देखने लगे और हम इस बात का काउंटर नही कर पाए. इन्होंने पाकिस्तान का डर दिखाया और वो भी उस पाकिस्तान का जिसकी आबादी है मात्र 17 करोड़ और हमारी आबादी है 135 करोड़. 1971 के युद्ध में इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान को दो हिस्सों में बांट दिया था और अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें दुर्गा कहा था, उस पाकिस्तान से हमारे देश के नागरिक डर गए.”

शिवानंद तिवारी ने कहा कि तेजस्वी में सीएम बनने के सभी गुण है. उन्होंने कहा, ” तेजस्वी में सीएम बनने के सभी गुण है. इसलिए बैठकर योजना बनाना चाहिए और हम तेजस्वी कहना चाहते हैं की इस तरह से काम नही चलेगा. सामने आएं. बिहार की जनता ने आपको वोट दिया है. आपको नेता माना है, आपमें आगामी मुख्यमंत्री का चेहरा लोग देखते हैं. उनके सामने आपको आकर लड़ना होगा.” उन्होंने आगे कहा, ”आपको लालू यादव से सीखना होगा की वो कैसे 8 घंटे लोगो के बीच बैठते थे. आपको खुद को बदलना होगा. लालू यादव आपके उम्र में पटना यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष बने, सांसद बने, हमारे जैसे आदमी भी 27 वर्ष के उम्र में सचिव बन गया था, इसलिए आपको खुद को बदलना होगा इस तरह काम नहीं चलने वाला.

वहीं लालू के विश्वस्त और कद्दावर नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने जीत की तैयारी का मंत्र दिया. उन्होंने कहा, ” 1997 में ये पार्टी बनी उससे पहले कई पार्टी और बनी. कहते हैं कि मोदी जी का 24 घंटे प्रचार ऊपर से धन बल का मार और इससे हो गई हमारी हार. लोग कहते हैं कि उधर से चला है हिन्दू-मुस्लिम और इसका काट था बैकवर्ड और फोरवर्ड, ये मामला गड़बड़ा गया तब जब मोदी ने कहा कि हम भी पिछड़ा वर्ग है पिछड़ा ही नही अतिपिछड़ा कह दिया. बीजेपी को किसी ने वोट नही दिया दिया है. लोग मोदी को वोट दिए हैं क्योंकि उन्हें लगा देश को पाकिस्तान से बचाने का काम वही करेंगे.”

रघुवंश प्रसाद सिंह ने आगे कहा, ” वोट तीन तरह का होता है, सपोर्टिंग वोट, कोर वोट और बेस वोट. इस लड़ाई में हमरा बेस वोट भी चला गया. जीत में सपोर्टिंग वोट का महत्त्व है, बेस वोट से कोई नही जीतता. अभी जो बच्चे मर रहे हैं वो सभी गरीब के बच्चे हैं. जो 15 सालों से लगातार मर रहे हैं. जब राज्यसभा में सवाल उठा तो प्रधानमंत्री ने कहा इसके लिए 70 वर्ष से शासन करने वाले जिम्मेदार हैं. तो आखिर 5 साल से ये भी सत्ता में है तो इन्होंने क्या किया.”’

रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा, ” अब देश मे भारी संकट है, देश के नेताओं द्वारा राष्ट्रव्यापी आंदोलन की जरूरत है. आगे की लड़ाई के लिए हमें मुद्दा को समझना होगा. इसके लिए एक-एक पंचायत को समझना होगा, जहां एक विकलांग को पेंशन नही मिलता, जो पहले4 वर्ष से मिलता था. एक पंचायत में करीब 150 लोग ऐसे हैं जिन्हें अनाज नही मिलता. 101 पंचायत में कई ऐसे अति पिछड़ा टोला है जिसमे लोगो वृद्धा पेंशन से लेकर अनाज तक नही मिलता ओर ऐसे लोगो की संख्या राज्य में करीब12 लाख है.”

रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा,”अब चुनाव में सिर्फ 15 महीना ही बांकी है. इन 15 महीनों का कार्य हमें अभी तय करना है. ये नीतीश कुमार जो 17 साल से कहीं नही गए. बच्चे मर रहे हैं इसबार गए तो 17 दिन बाद और जाने के बाद कहते हैं कि हम पहले नही आये यहां अस्पताल का बुरा हाल है.”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *