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इन 4 महिलाओं की जिद के आगे झुका पूरा देश, सऊदी अरब में मिला लेडीज को कार चलाने का हक, आतंकवाद के आरोप लगे, जेल भी गई, पर हार न मानी

राष्ट्रीय

इंटरनेशनल डेस्क. सऊदी अरब में रविवार को कई दशकों से महिलाओं की ड्राइविंग पर लगी पाबंदी हट गई। महिलाओं को इस आजादी के लिए काफी लंबा संघर्ष करना पड़ा और बहुत कुर्बानियां भी देनी पड़ीं। इसके लिए कई एक्टिविस्ट्स को जेल जाना पड़ा और कुछ को आतंकवाद के आरोप तक झेलने पड़े। एक एक्टिविस्ट अब भी जेल में है।
इन 4 महिलाओं ने चलाए कैम्पेन :

महिलाओं को कार ड्राइविंग का हक दिलाने के लिए सबसे पहला मूवमेंट 1990 में हुआ, जब 47 सऊदी महिलाओं ने ड्राइविंग बैन के खिलाफ रियाद में कार चलाकर प्रॉटेस्ट किया था। फिर एक के बाद एक महिला एक्टिविस्ट लगातार इस मूवमेंट को आगे बढ़ाती रहीं। इनमें 4 महिलाओं के नाम प्रमुखता से लिए जा सकते हैं :
1. वजेहा अल हुवैदर

ड्राइविंग बैन हटाने के लिए दी थी पिटीशन

– इस कैंपेन में सबसे पहला नाम सऊदी की एक्टिविस्ट और राइटर वजेहा अल हुवैदर का आता है। वजेहा ने इस सेंचुरी की शुरुआत में ही इस कैंपेन की शुरुआत की थी और इसके लिए एक एसोसिएशन बनाया था। इस एसोसिएशन के तहत सितंबर 2007 में वजेहा ने किंग अब्दुल्ला से महिलाओं के लिए ड्राइविंग की आजादी की डिमांड की थी और 1100 सिग्नेचर वाली पिटीशन दाखिल की थी।
– इसके बाद 2008 में इंटरनेशनल वुमंस डे के मौके पर वजेहा ने न सिर्फ ड्राइविंग की, बल्कि उसका वीडियो भी बनाया। उन्होंने इस वीडियो को जब यू-ट्यूब पर पोस्ट किया तो उन्हें इंटरनेशनल मीडिया का भी अटेंशन मिला

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